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नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू, वैश्विक शासन में सुधार और व्यापारिक सहयोग पर जोर

प्रकाशित: 12 September 2026, 3:37 pm

नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026 |

भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन 12–13 सितंबर को आयोजित हो रहा है। भारत की इस वर्ष की अध्यक्षता का विषय लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता है। सम्मेलन में सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों और आमंत्रित प्रतिनिधियों की भागीदारी भी शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के उद्घाटन संबोधन में भारत की अध्यक्षता को जनकेंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाली बताया। उन्होंने लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया। सम्मेलन का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य वैश्विक शासन में उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की अधिक प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

पश्चिम एशिया में संयम और संवाद की अपील

प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर 12 सितंबर को प्रकाशित नई दिल्ली घोषणा में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। ब्रिक्स देशों ने अधिकतम संयम बरतने, स्थिति बिगाड़ने वाली कार्रवाइयों से बचने तथा नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा पर जोर दिया। घोषणा में संवाद और कूटनीति से स्थायी शांति की दिशा में प्रयास करने तथा वैश्विक व्यापार, आपूर्ति शृंखलाओं और ऊर्जा का सुचारु प्रवाह बनाए रखने की आवश्यकता रेखांकित की गई है।

मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक भी हुई। बैठक में शी ने भारत के साथ संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखने की बात कही। उन्होंने दोनों देशों के एक-दूसरे की क्षमताओं से सीखने और साझा विकास आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया।

स्टार्टअप और आपूर्ति शृंखला सहयोग को बढ़ावा

नई दिल्ली घोषणा में ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क की स्थापना और लॉजिस्टिक्स सप्लाई-चेन सहयोग ढाँचे का स्वागत किया गया है। वहीं, ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड पर आगे विचार करने की बात कही गई है। इससे स्पष्ट है कि प्रस्तावित फंड को अभी चालू वित्तीय सहायता योजना के रूप में नहीं माना जा सकता।

सम्मेलन से जुड़े ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ में 37 भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप और उद्यम अपनी तकनीक प्रस्तुत कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य नवाचारकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापारिक साझेदारों से जोड़ना है। इससे तकनीकी साझेदारी, निवेश चर्चा और विदेशी बाजारों तक पहुँच के अवसर बन सकते हैं।