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गांधीनगर में विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम शुरू, कचरे को संसाधन बनाने पर वैश्विक मंथन
गांधीनगर। भारत की मेजबानी में विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम–2026 का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक गुजरात के गांधीनगर में किया जा रहा है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े संगठन संसाधनों के पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण तथा टिकाऊ औद्योगिक विकास पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
सर्कुलर इकोनॉमी का उद्देश्य किसी उत्पाद को उपयोग के बाद कचरा मानकर फेंकने के बजाय उसकी मरम्मत, पुनः उपयोग अथवा पुनर्चक्रण करके उसे दोबारा अर्थव्यवस्था में शामिल करना है। इससे प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव, औद्योगिक कचरा और कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
धातु, प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और निर्माण सामग्री उद्योग के लिए सम्मेलन विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है। स्टील स्क्रैप, टूटे पत्थर, मार्बल स्लरी, प्लास्टिक अपशिष्ट तथा निर्माण एवं विध्वंस से निकली सामग्री का उपयोग नए उत्पादों में किए जाने की बड़ी संभावना है।
फोरम से भारत में पुनर्चक्रण तकनीक, हरित निवेश, औद्योगिक साझेदारी और अपशिष्ट आधारित उद्यमों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए भी कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने तथा बड़ी कंपनियों की हरित आपूर्ति शृंखला से जुड़ने के नए अवसर खुल सकते हैं।
किशाऊ बाँध परियोजना पर छह राज्यों में समझौता, राजस्थान को भी मिलेगा लाभ
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में किशाऊ बहुउद्देशीय बाँध परियोजना को लेकर छह राज्यों ने समझौता किया। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों अथवा अधिकृत प्रतिनिधियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यमुना की सहायक टोंस नदी पर प्रस्तावित इस परियोजना का उद्देश्य पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा करना है। परियोजना लंबे समय से राज्यों के बीच पानी एवं लागत के बँटवारे से जुड़े विषयों के कारण लंबित थी। केंद्र सरकार ने इसे सहकारी संघवाद और अंतरराज्यीय सहयोग का उदाहरण बताया है। राजस्थान के लिए समझौता भविष्य की पेयजल उपलब्धता और जल-सुरक्षा की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हो सकता है। अब परियोजना की लागत, निर्माण अवधि, पर्यावरणीय स्वीकृतियों तथा प्रत्येक राज्य को मिलने वाले पानी के हिस्से पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने पर कर्नाटक में राजनीतिक विवाद
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद द्वारा दिल्ली दंगा मामले में आरोपी एवं पूर्व जेएनयू छात्र नेता उमर खालिद को “राष्ट्रवादी” बताए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। यह टिप्पणी बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी में उमर खालिद पर आधारित वृत्तचित्र के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर हुए विरोध के बीच सामने आई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने वृत्तचित्र के प्रदर्शन का विरोध करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्यक्रम रद्द करने और निर्णय की जाँच कराने की माँग की थी। हरिप्रसाद ने एबीवीपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। भाजपा ने प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। विवाद अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और राष्ट्रवाद की राजनीतिक परिभाषा से जुड़ी बहस में बदल गया है। उमर खालिद के विरुद्ध मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
इंदौर में 19 सितंबर को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने रीजनल पार्क के निकट स्थित मैदान के उपयोग की अनुमति जारी कर दी है। कांग्रेस ने इसके लिए निर्धारित राशि जमा कराई है और तीन दिन के लिए अस्थायी आधार पर स्थान उपलब्ध कराया गया है।
कार्यक्रम पहले अन्य स्थान पर आयोजित किया जाना था, लेकिन अनुमति संबंधी विवाद के बाद इसकी तारीख और आयोजन स्थल में बदलाव किया गया। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर छात्र संवाद कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया था, जबकि सरकार और भाजपा ने निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने की बात कही थी। राहुल गांधी ने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षाओं, रोजगार और अपनी समस्याओं को सामने रखने का आह्वान किया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस इसे युवाओं तक पहुँच बढ़ाने के महत्त्वपूर्ण राजनीतिक अभियान के रूप में देख रही है।
