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महाजुटान की तैयारी: दिल्ली में सजेगा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का मंच, UN प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस की मौजूदगी से बढ़ेगी कूटनीतिक चमक

प्रकाशित: 2 September 2026, 11:17 am

दिल्ली

राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक ‘भारत मंडपम’ एक बार फिर दुनिया के सबसे शक्तिशाली कूटनीतिक दिग्गजों का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में वैश्विक कूटनीति का बड़ा ताना-बाना बुना जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित सम्मेलन की महत्ता तब और बढ़ गई जब संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इसमें शामिल होने की जानकारी सामने आई।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की भारत मौजूदगी की खबर आते ही तैयारियों को और तेज गति दे दी गई है। वैश्विक उथल-पुथल के दौर में UN प्रमुख का ब्रिक्स मंच पर आना कूटनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

वैश्विक मंच पर दिखेगी भारत की धमक: ‘भारत मंडपम’ में जुटेंगे दुनिया के शीर्ष नेता

भारत इस साल चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन की खास बात यह भी है कि इस वर्ष ब्रिक्स संगठन की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं।

इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन में वैश्विक राजनीति और आर्थिक मंच के कई दिग्गज शिरकत करेंगे: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नई दिल्ली पहुंचने की पूरी संभावना है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपस्थिति को लेकर भी अटकलें तेज़ हैं, हालांकि उनके दौरे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

ब्रिक्स के सदस्य देशों के साथ-साथ कई साझेदार और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी दिल्ली में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।

ब्रिक्स 2026 की थीम: ‘मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास’भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान बहुपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का बीड़ा उठाया है। इस वर्ष की आधिकारिक थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” (मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास) रखी गई है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने अपनी अध्यक्षता के तहत देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से अधिक उच्चस्तरीय बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की हैं, जिनका सीधा मकसद आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देना है।

UN प्रमुख गुटेरेस का भारत दौरा क्यों है बेहद खास?

एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उनके नई दिल्ली आगमन का संकेत दिया। UN चीफ के इस दौरे के पीछे मुख्य कारण हैं:

दूसरी भारत यात्रा: वर्ष 2026 में गुटेरेस का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले वे फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट’ में शामिल हुए थे।

वैश्विक संकट पर संवाद: हाल के दिनों में मध्य पूर्व संकट और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर गुटेरेस मुखर रहे हैं। ब्रिक्स मंच का उपयोग वे दुनिया में जारी संघर्षों को कूटनीति और बातचीत के ज़रिए सुलझाने के संदेश के रूप में कर सकते हैं।

ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज़: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का ब्रिक्स सम्मेलन में आना यह दर्शाता है कि दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ‘ग्लोबल साउथ’ के मुद्दों को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।

12 और 13 सितंबर को दिल्ली में होने जा रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन केवल अर्थव्यवस्था और व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह दुनिया को शांति, सुरक्षा और टिकाऊ विकास का नया रास्ता दिखाने का माध्यम बनेगा। UN महासचिव और दुनिया भर के राष्ट्रध्यक्षों की मौजूदगी में भारत एक बार फिर साबित करने जा रहा है कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए ‘दिल्ली का मंच’ सबसे मजबूत और भरोसेमंद केंद्र है।