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दिल्ली मास्टर प्लान-2047 जारी: 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत, मेट्रो नेटवर्क 695 किलोमीटर करने का लक्ष्य

प्रकाशित: 21 August 2026, 2:32 am

मारवाड़ पत्रिका, शहर विशेष- नई दिल्ली।

केंद्र सरकार ने गुरुवार, 20 अगस्त को दिल्ली मास्टर प्लान-2047 सार्वजनिक कर राजधानी के अगले दो दशकों के नियोजित विकास का खाका प्रस्तुत किया। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने 12 अगस्त को योजना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल के अनुसार वर्ष 2047 तक दिल्ली की आबादी लगभग 3.2 करोड़ पहुंचने का अनुमान है और इसके लिए करीब 30 से 40 लाख अतिरिक्त आवासीय इकाइयों की आवश्यकता होगी।

यह मास्टर प्लान कोई एक परियोजना या बजट घोषणा नहीं, बल्कि दिल्ली में भविष्य के भूमि उपयोग, आवास, बाजार, उद्योग, परिवहन, पर्यावरण और पुनर्विकास को नियंत्रित करने वाला दीर्घकालीन नियोजन दस्तावेज है।

आवास और पुनर्विकास पर जोर

योजना में पुराने DDA आवास, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों, सरकारी आवासीय परिसरों और पात्र अनधिकृत कॉलोनियों के क्षेत्र-आधारित पुनर्विकास का रास्ता प्रस्तावित किया गया है। पुराने दो-मंजिला DDA मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान व्यवस्था तैयार होगी। अनधिकृत कॉलोनियों की योग्य पुनर्विकास योजना में सड़क, खुली जगह, विद्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन और बाल देखभाल केंद्र जैसी सुविधाएं देनी होंगी।

नए आवास केवल सरकार द्वारा बनाकर दिए जाने वाले फ्लैट नहीं होंगे। इनका विकास DDA, भूमि-पूलिंग, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, पुरानी कॉलोनियों के पुनर्विकास तथा सार्वजनिक और निजी भागीदारी के माध्यम से चरणबद्ध रूप से होगा।

मेट्रो, RRTS और तीन बड़े परिवहन केंद्र

दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क वर्तमान लगभग 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 2047 तक 695 किलोमीटर करने का लक्ष्य रखा गया है। छह नए RRTS कॉरिडोर तथा बस संपर्क बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। आनंद विहार-कड़कड़डूमा, कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन-सराय काले खां को प्रमुख बहु-माध्यम परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा।

व्यापार और रोजगार में नए अवसर

डाटा सेंटर, को-वर्किंग स्पेस और क्लाउड किचन को ‘नई अर्थव्यवस्था’ से संबंधित गतिविधियों में स्थान दिया गया है। पुरानी दिल्ली में प्रदूषणकारी और खतरनाक कारोबारों को हटाने तथा कैफे, छोटे संग्रहालय, पुस्तकालय, हस्तशिल्प केंद्र, अतिथि गृह और सांस्कृतिक गतिविधियों को नियंत्रित रूप से बढ़ावा देने का प्रस्ताव है।

यमुना और हरित क्षेत्रयोजना में यमुना में गिरने वाले 22 नालों के पानी के उपचार, बाढ़ क्षेत्र के पारिस्थितिक पुनरुद्धार और हरित आवरण बढ़ाने का लक्ष्य है। सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में स्थायी निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। लुटियंस दिल्ली और सिविल लाइंस बंगला क्षेत्र का कम ऊंचाई एवं हरित स्वरूप बनाए रखने का प्रस्ताव है।

कैसे लागू होगा मास्टर प्लान?

मास्टर प्लान के बाद जोनल और स्थानीय योजनाएं, परियोजना रिपोर्ट, बजट, भूमि व्यवस्था और एजेंसी-वार स्वीकृतियां तैयार होंगी। DDA के साथ MCD, NDMC, दिल्ली सरकार, PWD, दिल्ली जल बोर्ड, DMRC, NCRTC और अन्य संस्थाएं अलग-अलग परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से लागू करेंगी। इसलिए 40 लाख घर या 695 किलोमीटर मेट्रो तत्काल उपलब्ध नहीं होंगे; ये वर्ष 2047 तक प्राप्त किए जाने वाले दीर्घकालीन लक्ष्य हैं।