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चुनाव आयोग की ‘SIR’ प्रक्रिया पर गहराया विवाद: सुप्रीम कोर्ट का ईसीआई को नोटिस, विपक्ष का देशभर में प्रदर्शन

प्रकाशित: 16 October 2026, 9:27 am

​नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग (ECI) की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया से जुड़ा विवाद इस समय देश की सबसे बड़ी राजनीतिक और राष्ट्रीय खबर बन गया है। मतदाता सूची में संशोधन से जुड़ी इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच सीधा टकराव देखने को मिल रहा है। यह मामला अब सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिसके बाद देशभर में राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं।​

इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत के चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। विपक्षी नेताओं और अभिनेता प्रकाश राज जैसे कई हस्तियों ने यह आरोप लगाया है कि ‘फॉर्म 7’ का उपयोग करके ‘खामोशी से’ (Silent erasure) अल्पसंख्यक और विशेषकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। विपक्ष का यह भी दावा है कि निर्वाचन आयोग सत्ताधारी पार्टी के दबाव में काम कर रहा है।​

विवाद का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन ‘फॉर्म 6’ को लेकर भी है। राहुल गांधी ने हाल ही में SIR से जुड़े एक अतिरिक्त घोषणापत्र पर सवाल उठाए थे, जो फॉर्म 6 के साथ जोड़ा गया था। विवाद के तूल पकड़ने के बाद चुनाव आयोग ने उन राज्यों से यह अतिरिक्त घोषणापत्र वापस ले लिया है, जहां संशोधन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही, आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि मूल वैधानिक फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया था और मतदाता सूची का यह संशोधन एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।​

इस मुद्दे की गूंज सड़क पर भी साफ सुनाई दे रही है। चेन्नई में INDIA गठबंधन के घटक दलों ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विशाल विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की खासियत यह रही कि तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी टीवीके (TVK) भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के साथ इस मोर्चे में शामिल हो गई, जिससे गठबंधन को अतिरिक्त मजबूती मिली है। कांग्रेस सांसद विजय वसंत ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है।​

वहीं, राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रशासन ने सख्ती बरती है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई कर दिया है और इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एनडीएमसी (NDMC) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को भी बंद कर दिया है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कुछ संगठनों के सदस्यों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कुल मिलाकर, जहां चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियमित बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक बड़े जनांदोलन में बदलने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।