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संकट की घड़ी में साइबर हेल्पलाइन 1930 ने छोड़ा साथ, चार प्रयासों के बाद भी दर्ज नहीं हुई शिकायत

प्रकाशित: 19 September 2026, 3:12 pm

स्वागत संदेश के तत्काल बाद कटता रहा फोन; आपात सेवा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल

जालोर, 19 सितंबर। साइबर ठगी और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों की तत्काल सूचना दर्ज करने के लिए संचालित राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 शनिवार को कॉल करने पर ठीक ढंग से काम नहीं कर सका। मोबाइल नंबर से एक साइबर घटना दर्ज करवाने के लिए चार बार कॉल किया, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हो पाई।

पहले तीन प्रयासों में फोन लगने के बाद केवल “साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर आपका स्वागत है” संदेश सुनाई दिया और इसके तत्काल बाद कॉल कट गया। चौथे प्रयास में स्वागत संदेश के बाद एक बार घंटी सुनाई दी, लेकिन किसी कर्मचारी से संपर्क होने से पहले ही फोन फिर कट गया।

भारत सरकार का राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल 1930 को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल सूचना देने वाली 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन बताता है। ऐसी स्थिति में बार-बार कॉल कटना गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि साइबर ठगी में शुरुआती कुछ मिनट और घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर शिकायत मिलने से संदिग्ध बैंक खाते में रकम रोकने की संभावना बढ़ सकती है। “राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल” (https://cybercrime.gov.in/accept.aspx)

हेल्पलाइन की विफलता का कारण तकनीकी खराबी, नेटवर्क संबंधी समस्या, अत्यधिक कॉल दबाव अथवा कॉल प्रबंधन व्यवस्था में खामी हो सकती है, लेकिन वास्तविक कारण संबंधित विभाग की जाँच के बाद ही स्पष्ट होगा। जिम्मेदार अधिकारियों को कॉल लॉग की जाँच कर व्यवस्था तत्काल सुधारनी चाहिए।

1930 पर संपर्क न होने की स्थिति में पीड़ित को बिना समय गंवाए cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी चाहिए। वित्तीय धोखाधड़ी होने पर संबंधित बैंक या भुगतान सेवा को तुरंत सूचित करने के साथ निकटतम साइबर पुलिस थाने अथवा पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दी जानी चाहिए।