परीक्षा प्रणाली में सुधार की बड़ी कवायद: नीलेकणि टास्क फोर्स ने मांगे सुझाव, CBT और सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर
नई दिल्ली,
देशभर में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक तथा अन्य गड़बड़ियों के मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक और बड़े बदलावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स ने जनता, विशेषज्ञों और अभ्यर्थियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
जुलाई में केंद्र सरकार द्वारा गठित इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं के संचालन, सुरक्षा, डिजाइन और गवर्नेंस में सुधार के उपाय सुझाना है, ताकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) समेत अन्य संस्थाओं की परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।
टास्क फोर्स ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आम लोगों और विशेषज्ञों से राय मांगी है। इसमें मुख्य रूप से पेपर लीक और नकल रोकने, मूल्याकन व परीक्षा डिजाइन को बेहतर बनाने, परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय करने, और कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) को आधुनिक तकनीकों से सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधाएं बढ़ाने, क्षेत्र, भाषा या सामाजिक-आर्थिक स्थिति की बाधाओं को खत्म करने तथा शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
जनता और अभ्यर्थी आगामी 13 सितंबर तक हिंदी, अंग्रेजी और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में अपने सुझाव दे सकते हैं। सुझाव भेजने के लिए आधिकारिक वेबसाइट examreforms-taskforce.dopt.gov.in के साथ-साथ टेलीफोन नंबर (1800-180-4747) और व्हाट्सएप नंबर (7827042830 पर लिखकर) की सुविधा भी प्रदान की गई है। प्राप्त सुझावों के विश्लेषण के आधार पर ही टास्क फोर्स अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी।
दूसरी ओर, पेपर लीक विवादों के बाद NTA के प्रशासनिक ढांचे में मजबूती लाने के लिए सरकार ने तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके तहत आईपीएस अधिकारी रवि कुमार सिंह और आईएएस अधिकारी प्रसन्न वेंकटेश वी. को निदेशक पद की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आईआरएस अधिकारी अमित समदरिया को संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।
