विक्रेता की गलती की सजा खरीददार को क्यों? GST में ईमानदार व्यापारियों के ITC की सुरक्षा की मांग
MSME संगठन ने मांगा ‘Safe Harbour’; वास्तविक खरीद, बैंक से भुगतान और वैध बिल होने पर खरीददार का ITC सुरक्षित रखने की जरूरत
GST व्यवस्था में Input Tax Credit (ITC) व्यापारियों की कार्यशील पूंजी से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। समस्या तब पैदा होती है जब किसी खरीददार ने वास्तविक व्यापारिक सौदा किया, माल अथवा सेवा प्राप्त की और वैध टैक्स इनवॉइस के अनुसार GST सहित भुगतान भी कर दिया, लेकिन बाद में विक्रेता टैक्स सरकार के पास जमा नहीं करता या आवश्यक GST अनुपालन नहीं करता।
वर्तमान CGST Act की धारा 16(2) में ITC प्राप्त करने के लिए कई शर्तें निर्धारित हैं। इनमें वैध दस्तावेज, माल या सेवा की प्राप्ति तथा संबंधित सप्लाई पर लगाया गया टैक्स सरकार को वास्तव में जमा होने जैसी शर्त शामिल है। इसलिए supplier की चूक का प्रभाव खरीददार के ITC पर भी पड़ सकता है।
इसी व्यावहारिक समस्या को लेकर Federation of Indian Micro and Small & Medium Enterprises (FISME) ने CBIC से bona fide यानी वास्तविक और सद्भावनापूर्वक कारोबार करने वाले खरीददारों के लिए वैधानिक “Safe Harbour” व्यवस्था बनाने की मांग की है। संगठन का तर्क है कि वास्तविक खरीददार को केवल इसलिए ITC से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि विक्रेता ने बाद में अपनी GST जिम्मेदारी पूरी नहीं की।
यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जुलाई में GST Council की Law Committee द्वारा ऐसे प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की खबर सामने आई थी, जिसके तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले खरीददार के ITC को supplier के tax default से बचाने और बकाया टैक्स की वसूली मुख्य रूप से defaulting supplier से करने की व्यवस्था पर विचार है। हालांकि इसे अंतिम लागू कानून/नियम मानना अभी उचित नहीं होगा; औपचारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल व्यापारियों को क्या करना चाहिए?
व्यापारियों को supplier का GST registration जांचने, सही tax invoice रखने, माल प्राप्ति के प्रमाण सुरक्षित रखने, बैंकिंग माध्यम से भुगतान करने और उपलब्ध GST records से invoice/ITC का नियमित मिलान करने में सावधानी रखनी चाहिए। Purchase order, e-Way Bill, delivery proof, transporter record और payment evidence भी सुरक्षित रखना उपयोगी है।
मूल प्रश्न यही है—जिस खरीददार ने वास्तविक व्यापार किया, GST सहित पूरा पैसा दिया और सभी आवश्यक प्रमाण सुरक्षित रखे, क्या उसे विक्रेता की बाद की गलती का आर्थिक दंड भुगतना चाहिए? यदि प्रस्तावित Safe Harbour उचित safeguards के साथ लागू होता है, तो यह विशेष रूप से MSME और छोटे व्यापारियों के लिए GST व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार साबित हो सकता है।

