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हैदराबाद महानगर के प्रमुख समाचार

प्रकाशित: 17 September 2026, 2:35 pm

हैदराबाद के भारत में विलय की 78वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुए अलग-अलग समारोह

हैदराबाद। हैदराबाद रियासत के भारतीय संघ में विलय की 78वीं वर्षगांठ पर बुधवार को शहर में केंद्र और तेलंगाना सरकार की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। तेलंगाना सरकार ने इस अवसर को ‘प्रजा पालना दिवस’ के रूप में मनाया। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राज्य के विकास, लोकतांत्रिक शासन तथा जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

केंद्र सरकार की ओर से सिकंदराबाद में आयोजित ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रियासतों को भारतीय संघ में शामिल करने में तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद किया।

भारत की स्वतंत्रता के बाद हैदराबाद के निजाम ने प्रारंभ में भारतीय संघ में विलय स्वीकार नहीं किया था। बातचीत के प्रयास सफल नहीं होने और रजाकारों की गतिविधियां बढ़ने के बाद सितंबर 1948 में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन पोलो’ प्रारंभ किया। निजाम की सेना के आत्मसमर्पण के बाद 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद भारतीय संघ का हिस्सा बना।


यातायात चालान को राजस्व वसूली का माध्यम न बनाएं: तेलंगाना हाईकोर्ट

हैदराबाद। तेलंगाना हाईकोर्ट ने यातायात पुलिस को आगाह किया है कि वाहन चालकों के चालान काटने की व्यवस्था को केवल राजस्व संग्रह अभियान में परिवर्तित नहीं किया जाना चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा, यातायात अनुशासन और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

अदालत की टिप्पणी शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई। न्यायालय ने संकेत दिया कि चालान वास्तविक उल्लंघन और कानून में निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही जारी किए जाने चाहिए। केवल वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं हो सकती।

हैदराबाद में यातायात पुलिस सीसीटीवी कैमरों, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली और सड़क पर तैनात कर्मचारियों के माध्यम से उल्लंघनों की पहचान करती है। रेड सिग्नल पार करने, बिना हेलमेट वाहन चलाने, गलत दिशा में वाहन चलाने और निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने पर ई-चालान जारी किए जाते हैं।

न्यायालय की टिप्पणी से वाहन चालकों को नियमों का पालन करने के साथ ही गलत चालान की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आपत्ति प्रस्तुत करने के अधिकार का महत्व भी रेखांकित हुआ है।


गणेश विसर्जन को लेकर हैदराबाद में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था तेज

हैदराबाद। गणेश प्रतिमा विसर्जन की मुख्य शोभायात्रा को देखते हुए हैदराबाद पुलिस ने सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बालापुर से हुसैन सागर तक जाने वाले प्रमुख शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

बालापुर की गणेश प्रतिमा से प्रारंभ होने वाली यात्रा पुराने शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए हुसैन सागर क्षेत्र तक पहुंचती है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, गणेश मंडलों और वाहनों की भागीदारी रहती है। पुलिस संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात करने, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खुला रखने की व्यवस्था कर रही है।

यातायात पुलिस द्वारा शोभायात्रा के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का प्रवेश रोकने अथवा उन्हें वैकल्पिक मार्गों पर भेजने की तैयारी की गई है। नागरिकों को यात्रा से पहले यातायात पुलिस की ताजा सूचना देखने की सलाह दी गई है।

इधर, टैंक बंड के कुछ हिस्सों में प्रतिमा विसर्जन पर रोक की जानकारी देने वाले सूचना-पट्ट भी लगाए गए हैं। प्रशासन ने निर्धारित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


हैदराबाद के आठ ऐतिहासिक कमानों का होगा जीर्णोद्धार, 11.86 करोड़ रुपये स्वीकृत

हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद के आठ ऐतिहासिक कमानों के संरक्षण और जीर्णोद्धार की योजना तैयार की है। परियोजना के लिए जुलाई में 11.86 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इस पर होने वाला व्यय हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी की निधि से किया जाएगा।

जीर्णोद्धार योजना में कमानों की संरचनात्मक मजबूती, मूल निर्माण सामग्री, स्थापत्य शैली और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। काम शुरू करने से पहले प्रत्येक संरचना की वर्तमान स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

योजना में कमानों के आसपास की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत यातायात आवागमन, लैंडस्केपिंग, आगंतुक सुविधाओं और विरासत से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने की संभावनाओं का अध्ययन होगा। ऐतिहासिक स्वरूप प्रभावित किए बिना कुछ स्थानों के अनुकूल पुनः उपयोग और उनके दीर्घकालीन रखरखाव पर भी विचार किया जा सकता है।

हैदराबाद की ऐतिहासिक कमानें शहर की कुतुबशाही और आसफजाही विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। संरक्षण के अभाव, बढ़ते यातायात और प्रदूषण के कारण इनमें से कई संरचनाओं को मरम्मत की आवश्यकता है।


पश्चिम एशिया की अनिश्चितता से हैदराबाद–खाड़ी हवाई यातायात प्रभावित

हैदराबाद। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अनिश्चित परिस्थितियों का असर हैदराबाद तथा खाड़ी देशों के बीच हवाई यातायात पर दिखाई दे रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में हैदराबाद से खाड़ी एवं पश्चिम एशिया के प्रमुख विमानन केंद्रों के बीच दोनों दिशाओं में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रीय तनाव के कारण यात्रियों में आशंका बढ़ी है और यात्रा की मांग कमजोर हुई है। उड़ानों के संचालन, हवाई मार्गों में परिवर्तन और अचानक यात्रा कार्यक्रम बदलने की आशंका भी यात्रियों के निर्णय को प्रभावित कर रही है।

हैदराबाद से बड़ी संख्या में कामगार, कारोबारी, विद्यार्थी और परिवार संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान तथा अन्य खाड़ी देशों की यात्रा करते हैं। इसलिए इस मार्ग पर यात्री संख्या में कमी का प्रभाव विमानन कंपनियों के साथ पर्यटन, ट्रैवल एजेंसियों और प्रवासी परिवारों पर भी पड़ सकता है।

मौजूदा परिस्थितियों में यात्रियों को टिकट बुक करने और हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले संबंधित विमान कंपनी से उड़ान का समय तथा संचालन स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।


गौलीगुड़ा केंद्रीय गुरुद्वारा साहिब के 100 वर्ष पूरे, 19 और 20 सितंबर को शताब्दी समारोह

हैदराबाद। गौलीगुड़ा स्थित केंद्रीय गुरुद्वारा साहिब अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इस अवसर पर 19 और 20 सितंबर को शताब्दी समारोह आयोजित किए जाएंगे। वर्ष 1926 में स्थापित यह गुरुद्वारा हैदराबाद के सिख समुदाय के धार्मिक और सामाजिक जीवन का प्रमुख केंद्र रहा है।

शताब्दी समारोह में धार्मिक दीवान, कीर्तन, अरदास और सामुदायिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। हैदराबाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं और सिख समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है।

केंद्रीय गुरुद्वारा साहिब ने पिछले एक शताब्दी में धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने, संकट के समय सहायता पहुंचाने और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में गुरुद्वारे का योगदान रहा है।

शताब्दी समारोह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हैदराबाद की बहुधार्मिक और साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी होगा। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए आसपास यातायात और पार्किंग की विशेष व्यवस्था किए जाने की अपेक्षा है।