महानगरों के मुख्य समाचार
सूरत
स्कूल में फूड पॉइजनिंग के बाद छात्रावासों और कैंटीनों की विशेष जाँच
सूरत के अब्रामा क्षेत्र स्थित पी.पी. सवाणी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रावास में भोजन करने के बाद करीब 85 विद्यार्थियों के बीमार पड़ने की घटना के बाद गुजरात सरकार ने शिक्षण संस्थानों की कैंटीन और छात्रावासों की विशेष जाँच शुरू की है। पहले दिन राज्यभर के लगभग 200 संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इनमें 61 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए, एक खाद्य लाइसेंस निलंबित किया गया और 114 नमूने जाँच के लिए लिए गए। खराब स्वच्छता के कारण दस प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद किए गए। सूरत महानगरपालिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संबंधित स्कूल से भी भोजन के नमूने लिए हैं। अधिकांश विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि शेष की स्थिति स्थिर बताई गई। अभियान एक सप्ताह तक जारी रहेगा। विस्तृत रिपोर्ट
भारी बारिश की संभावना, सूरत सहित दक्षिण गुजरात के लिए सतर्कता
मौसम विभाग ने मानसून की वापसी से पहले गुजरात के विभिन्न हिस्सों में वर्षा गतिविधियाँ दोबारा तेज होने की संभावना जताई है। सूरत और दक्षिण गुजरात में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा तथा कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने का अनुमान है। प्रशासन ने निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी रखने की सलाह दी है। वाहन चालकों को अंडरपास और पानी से भरी सड़कों से गुजरने से बचने तथा यात्रा से पहले मौसम की नवीनतम जानकारी देखने को कहा गया है। तेज बारिश होने पर तापी नदी के जलस्तर और उकाई बाँध से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर भी निगरानी रखी जाएगी। किसानों को बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों और पेड़ों के नीचे नहीं रुकने की सलाह दी गई है। मौसम संबंधी जानकारी
सूरत के छात्र ने स्मार्ट चश्मे से की नकल, एक वर्ष तक परीक्षा देने पर रोक
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय से संबद्ध एक महाविद्यालय के BBA प्रथम वर्ष के छात्र को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट चश्मे की सहायता से नकल करने का दोषी पाया गया है। विश्वविद्यालय ने छात्र को एक वर्ष तक परीक्षा देने से प्रतिबंधित कर दिया। मामला मार्च-अप्रैल में आयोजित परीक्षा का है, लेकिन अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी होने के बाद अब सामने आया है। सुनवाई के दौरान छात्र ने अनुचित साधन इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की। स्मार्ट चश्मे में कैमरा, माइक्रोफोन और इंटरनेट से जुड़ने जैसी सुविधाएँ हो सकती हैं, जिनके माध्यम से प्रश्न बाहर भेजकर उत्तर प्राप्त किया जा सकता है। घटना के बाद परीक्षा केंद्रों में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान और जाँच व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता सामने आई है। विस्तृत विवरण
12 घंटे की पारी के विरोध में सूरत के कपड़ा श्रमिकों का आंदोलन
सूरत के कपड़ा और कढ़ाई उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों ने आठ घंटे की पारी, प्रत्येक सप्ताह अवकाश और समय पर वेतन देने की माँग को लेकर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। श्रमिक संगठनों का आरोप है कि पूर्व में आश्वासन मिलने के बावजूद कई इकाइयों में कर्मचारियों से प्रतिदिन 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। श्रमिकों ने भविष्य निधि, ESI और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएँ लागू करने की भी माँग रखी है। जनभूमि भारत मजदूर यूनियन ने प्रशासन को ज्ञापन देकर प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने की माँग की। माँगें 30 सितंबर तक नहीं माने जाने पर आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी गई है। लंबा विवाद सूरत के कपड़ा उत्पादन और त्योहारी आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। विस्तृत रिपोर्ट
मुंबई
मुंबई में वार्षिक मानसूनी बारिश का औसत आँकड़ा पार
मुंबई में कुछ दिनों के विराम के बाद बारिश का दौर लौटने से शहर ने इस मानसून में होने वाली औसत वार्षिक वर्षा का आँकड़ा पार कर लिया है। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के अंतिम और सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश अपेक्षाकृत कम रही थी, लेकिन हाल की वर्षा से कुल मौसमी आँकड़ा सामान्य स्तर से ऊपर पहुँच गया। आगामी दिनों में मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर कम अवधि में तेज वर्षा होने से जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। नागरिकों को मौसम चेतावनियों पर ध्यान देने तथा समुद्र तटों और जलभराव वाले निचले इलाकों में सावधानी रखने की सलाह दी गई है। विस्तृत जानकारी
मराठा आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे मुंबई के लिए रवाना, पुलिस ने नहीं दी धरने की अनुमति
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे-पाटिल ने आज अंतरवाली सराटी से मुंबई की ओर यात्रा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन करने की अनुमति माँगी थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान सुरक्षा और यातायात संबंधी कारणों का उल्लेख करते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद जरांगे ने सीमित सहयोगियों और दो एम्बुलेंस के साथ अकेले मुंबई जाने की बात कही। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार ने उनसे गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन नहीं करने तथा बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। प्रशासन संभावित भीड़ और दक्षिण मुंबई की यातायात व्यवस्था को देखते हुए स्थिति पर नजर रख रहा है। विस्तृत रिपोर्ट
गणेशोत्सव के लिए मुंबई मेट्रो का समय बढ़ा, अतिरिक्त सेवाएँ उपलब्ध
गणेशोत्सव के दौरान देर रात तक दर्शन और आवागमन करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए मुंबई मेट्रो की परिचालन अवधि बढ़ाई गई है। विभिन्न मेट्रो मार्गों पर आवश्यकता के अनुसार प्रतिदिन 15 तक अतिरिक्त फेरे चलाने की व्यवस्था की गई है। गणेश पंडालों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। यात्रियों को संबंधित मेट्रो लाइन का अंतिम ट्रेन समय यात्रा से पहले जाँचने की सलाह दी गई है, क्योंकि समय-सारणी प्रत्येक मार्ग पर अलग हो सकती है। प्रमुख स्टेशनों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की गई है। मुंबई के नवीनतम नागरिक समाचार
मस्जिद और माटुंगा स्टेशनों के चार फुट ओवरब्रिज अस्थायी रूप से बंद
गणेशोत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों से मस्जिद तथा माटुंगा रेलवे स्टेशनों के चार फुट ओवरब्रिज अस्थायी रूप से बंद रखे जा रहे हैं। यात्रियों को स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक पुलों और निर्धारित प्रवेश-निकास मार्गों का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मध्य रेलवे तथा यातायात व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को भीड़भाड़ वाले समय में यात्रियों का मार्गदर्शन करने के लिए तैनात किया गया है। दैनिक यात्रियों को स्टेशन पहुँचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। बंद पुलों के आसपास अवरोधक और दिशा-सूचक लगाए गए हैं। गणेश प्रतिमा दर्शन और विसर्जन के प्रमुख दिनों में भीड़ के अनुसार अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं। नवीनतम जानकारी
मानसून के बाद प्रदूषण से निपटने के लिए मुंबई महानगर क्षेत्र का नया अध्ययन
मानसून के अंतिम चरण में पहुँचने के साथ BMC ने मुंबई की वायु गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए विस्तृत प्रदूषण अध्ययन शुरू किया है। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सहयोग से मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे के प्रदूषण स्रोतों तथा हॉटस्पॉट की पहचान की जाएगी। अध्ययन में वाहनों की संख्या, आवासीय ईंधन, व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माण कार्यों से होने वाले उत्सर्जन का आकलन होगा। एक वर्ष तक अलग-अलग मौसमों में आँकड़े जुटाए जाएँगे। इनका उपयोग उच्च क्षमता वाली उत्सर्जन सूची, वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली और प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्णय सहायता तंत्र विकसित करने में किया जाएगा। विस्तृत रिपोर्ट
