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दक्षिण बेंगलुरु के अनेक क्षेत्रों में छह घंटे कावेरी जलापूर्ति प्रभावित, नागरिकों को पानी संग्रह करने की सलाह

प्रकाशित: 22 September 2026, 2:15 pm

बेंगलुरु। कावेरी जलापूर्ति योजना के प्रथम चरण के पंपिंग स्टेशनों में आपात मरम्मत के कारण मंगलवार को सुबह छह बजे से दोपहर बारह बजे तक पंपिंग बंद रखी जानी है। बेंगलुरु जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड ने दक्षिण और मध्य बेंगलुरु के अनेक क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना देते हुए नागरिकों को आवश्यक पानी पहले से संग्रह करने की सलाह दी है।

प्रभावित क्षेत्रों में कदिरेनहल्ली, मीनाज नगर, गंगाधर नगर, प्रगतिपुरा, पद्मनाभनगर, आरके लेआउट, चिक्कलसंद्रा, कुमारस्वामी लेआउट, येलचनहल्ली, इसरो लेआउट, उत्तरहल्ली, बनशंकरी पांचवां चरण, सुब्रमण्यपुरा और कनकपुरा मेन रोड शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त मडिवाला, कोरमंगला के दूसरे, चौथे, पांचवें, छठे, सातवें और आठवें ब्लॉक, ऑडुगोडी, राजेंद्रनगर, शांतिनगर, लैंगफोर्ड टाउन, एमजी रोड, रिचमंड टाउन, अशोक नगर, नीलसंद्रा, ऑस्टिन टाउन, विवेक नगर, एजिपुरा, डोमलूर, कोडिहल्ली, कैम्ब्रिज लेआउट, जोगुपाल्या और चामराजपेट में भी आपूर्ति बाधित हो सकती है।

जयनगर चौथा ब्लॉक, चौथा टी ब्लॉक, तिलक नगर, श्रीनगर, बनशंकरी प्रथम चरण, माधवन पार्क, होम्बेगौडानगर और लक्कसंद्रा के निवासियों को भी पानी का उपयोग सावधानी से करने को कहा गया है।

मरम्मत पूरी होने के बाद भी पाइपलाइन में दबाव सामान्य होने और सभी क्षेत्रों तक पानी पहुंचने में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है। नागरिकों को पेयजल अलग संग्रह करने तथा आवश्यकता से अधिक पानी जमा न करने की सलाह दी गई है।

खाद्य वस्तुओं की महंगाई ने बढ़ाया घरेलू बजट पर दबाव, अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत

नई दिल्ली। देश में खुदरा महंगाई अगस्त 2026 में बढ़कर 4.82 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को महंगाई बढ़ने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। खाद्य महंगाई लगभग 5.95 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसका सीधा प्रभाव निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के मासिक बजट पर पड़ा है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 5.23 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.31 प्रतिशत रही। प्याज, लहसुन और अदरक सहित कई दैनिक उपयोग की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। गरीब और मध्यम वर्ग अपने कुल खर्च का बड़ा हिस्सा भोजन पर व्यय करता है, इसलिए खाद्य महंगाई बढ़ने का प्रभाव इस वर्ग पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है।

महंगाई में वृद्धि का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं रहता। खाद्य सामग्री, ईंधन, परिवहन और कच्चे माल की लागत बढ़ने पर होटल, ढाबे, किराना व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे व्यवसायों की संचालन लागत भी बढ़ जाती है। छोटे व्यापारियों के सामने कीमत बढ़ाने अथवा कम लाभ पर कारोबार करने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

खुदरा महंगाई का लगातार भारतीय रिजर्व बैंक के चार प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर बने रहना मौद्रिक नीति के लिए भी चुनौती है। यदि खाद्य और ऊर्जा की कीमतों का दबाव आगे भी बना रहता है, तो इसका प्रभाव ब्याज दरों, उपभोक्ता मांग और त्योहारी कारोबार पर पड़ सकता है।

स्कूल बस में दो घंटे तक फंसे बच्चे, जनाक्रोश के बाद मंत्री ने दिए बेंगलुरु की सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश

वर्तूर-गुंजूर मार्ग पर कुछ किलोमीटर की दूरी तय करना बना चुनौती, ठेकेदार बदलने की भी चेतावनी

बेंगलुरु। शहर के वर्तूर-गुंजूर मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात और अधूरे सड़क कार्यों के कारण स्कूली बच्चों को कुछ किलोमीटर की यात्रा के लिए दो घंटे से अधिक समय बसों में बिताना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो और नागरिकों की शिकायतें सामने आने के बाद बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाकर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मंत्री ने ब्रिगेड परियोजनाओं से गुंजूर तक क्षतिग्रस्त सड़क और गड्ढों की तुरंत मरम्मत करने तथा वर्तूर-कोडी रोड को प्राथमिकता देने को कहा है। बैठक में कर्नाटक रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, बेसकॉम, बेंगलुरु ईस्ट सिटी कॉरपोरेशन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क निर्माण में देरी के लिए भूमि अधिग्रहण, बिजली के खंभे नहीं हटना और ठेकेदारों की लापरवाही जैसे कारण बताए गए हैं। अधिकारियों ने दोनों ठेकेदारों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्णय किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ठेकेदार बदलने की सिफारिश भी की जा सकती है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि केवल बैठक और निरीक्षण पर्याप्त नहीं हैं। सड़क पर वास्तविक काम दिखाई देना चाहिए। इस मार्ग पर दैनिक जाम से स्कूली बच्चों के साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, एम्बुलेंस, सार्वजनिक परिवहन और आसपास के निवासियों का जीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।