जालोर अंचल के प्रमुख समाचार
वार्ड 33 में नौ प्रत्याशियों के कारण मुकाबला बहुकोणीय, सीवरेज और नाले का मुद्दा प्रमुख
जालोर। नगर परिषद चुनाव में वार्ड संख्या 33 का मुकाबला बहुकोणीय बन गया है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के साथ सात निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं। अधिक प्रत्याशी होने के कारण मतों के बंटवारे और स्थानीय मुद्दों पर प्रत्याशियों की स्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भाजपा प्रत्याशी जयसिंह राठौड़ ने वार्ड की सीवरेज समस्या को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। कांग्रेस प्रत्याशी दवे ने बाइपास क्षेत्र के नाले को मुख्य निकासी व्यवस्था से जोड़ने का विषय उठाया है। वार्ड के मतदाताओं के लिए सीवरेज, नालियों की नियमित सफाई, बारिश के समय जलभराव, सड़क और स्ट्रीट लाइट प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
नगर परिषद चुनाव का सीधा संबंध नागरिक सुविधाओं से होता है। ऐसे में मतदाताओं को केवल दल, जाति या व्यक्तिगत संबंध के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्याशी की योग्यता, उपलब्धता और वार्ड के लिए प्रस्तुत कार्ययोजना के आधार पर निर्णय करना चाहिए। प्रत्याशियों से प्रस्तावित कार्यों की समयसीमा और नगर परिषद से बजट लाने की योजना भी पूछी जानी चाहिए।
वार्ड 37 में निर्दलीय प्रत्याशी का नामांकन निरस्त, समर्थकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत
जालोर। नगर परिषद चुनाव-2026 में वार्ड संख्या 37 से निर्दलीय प्रत्याशी कमलेश माली का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद वार्डवासियों और समर्थकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान रिटर्निंग अधिकारी के स्तर पर आवेदन निरस्त किया गया था।
समर्थकों ने नामांकन निरस्त करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। हालांकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रत्याशी का नामांकन स्वीकार या निरस्त करने का निर्णय निर्धारित चुनाव कानूनों, आवेदन में दी गई जानकारी और संलग्न दस्तावेजों के आधार पर होता है। अंतिम स्थिति निर्वाचन अधिकारी के अधिकृत आदेश और उपलब्ध वैधानिक अपील प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।
प्रकरण राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय भी बना है, लेकिन किसी पक्ष के आरोप को आधिकारिक जांच के बिना तथ्य नहीं माना जा सकता। चुनाव प्रशासन को नामांकन निरस्त करने का कारण संबंधित प्रत्याशी को लिखित रूप में उपलब्ध कराना चाहिए। प्रत्याशी को भी निर्धारित समय के भीतर सक्षम अधिकारी या न्यायिक मंच पर नियमानुसार आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। मतदाताओं को अपुष्ट सोशल मीडिया संदेशों के बजाय अधिकृत निर्वाचन सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
नगरपालिका के 40 वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज, 169 दावेदारों ने जमा किए 241 आवेदन
भीनमाल। नगरपालिका चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन के अंतिम दिन तक 169 प्रत्याशियों की ओर से कुल 241 आवेदन जमा किए जाने की जानकारी सामने आई है। एक प्रत्याशी द्वारा एक से अधिक नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाने के कारण आवेदनों की संख्या प्रत्याशियों से अधिक रही।
राज्य निर्वाचन आयोग की सूची के अनुसार भीनमाल नगरपालिका में 40 वार्ड हैं। नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध प्रत्याशियों की अंतिम स्थिति नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने पर स्पष्ट होगी। चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने के बाद प्रत्येक वार्ड का वास्तविक चुनावी मुकाबला सामने आएगा। भीनमाल नगरपालिका क्षेत्र में दूसरे चरण के अंतर्गत 11 सितंबर को मतदान निर्धारित है और मतगणना 14 सितंबर को होगी।
शहर में पेयजल, सीवरेज, सड़क, सफाई, बाजारों की पार्किंग, यातायात और अतिक्रमण प्रमुख नागरिक मुद्दे हैं। मतदाताओं को प्रत्याशियों से इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान और पांच वर्ष की वार्ड कार्ययोजना पूछनी चाहिए। मतदान से पहले मतदाता सूची में नाम और मतदान केंद्र की पुष्टि करना भी आवश्यक है।
नामांकन जांच में 58 आवेदन निरस्त, चुनाव मैदान में 123 प्रत्याशी शेष
आहोर। नगरपालिका चुनाव-2026 के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के बाद 58 आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं और 123 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष बताए गए हैं। आवेदन निरस्त होने के कारणों में दस्तावेजों की कमी, निर्धारित पात्रता पूरी नहीं होना अथवा चुनाव नियमों के अनुरूप आवेदन नहीं पाया जाना शामिल हो सकता है। प्रत्येक आवेदन के निरस्त होने का वास्तविक कारण संबंधित निर्वाचन अधिकारी के आदेश से ही स्पष्ट होगा।
नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर है। इसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। आहोर नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। कांग्रेस ने सभी 25 वार्डों के लिए अपनी प्रत्याशी सूची जारी कर दी है, जबकि अन्य दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति अंतिम सूची के बाद स्पष्ट होगी।
स्थानीय मतदाताओं के लिए पेयजल, सफाई, सड़क, सार्वजनिक प्रकाश, बाजारों की व्यवस्था और जल निकासी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशियों को केवल सामान्य आश्वासन देने के बजाय वार्डवार कार्ययोजना प्रस्तुत करनी चाहिए। मतदाता किसी प्रलोभन या दबाव से प्रभावित हुए बिना योग्य और सेवाभावी प्रत्याशी का चयन करें।
पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर रहने का अनुमान, किसानों को फसलों की निगरानी की सलाह
जालोर। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान में 2 सितंबर से बारिश का नया दौर प्रारंभ होने की संभावना है, लेकिन इसका अधिक प्रभाव कोटा, जयपुर और बीकानेर सहित पूर्वी एवं उत्तरी संभागों में रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं।
जालोर, सांचौर, रानीवाड़ा, भीनमाल और आहोर क्षेत्र के किसानों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है। कम वर्षा से बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, तिल और अरंडी जैसी फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। किसानों को खेत की नमी बनाए रखने, अनावश्यक सिंचाई से बचने और कीट अथवा रोग दिखाई देने पर स्थानीय कृषि अधिकारी की सलाह लेने की आवश्यकता है।
फसल बीमा कराने वाले किसान खेत, फसल और खसरा संख्या से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखें। किसी स्थानीय प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर उसकी तारीख सहित फोटो और वीडियो बनाकर निर्धारित समय में बीमा कंपनी, कृषि विभाग अथवा आधिकारिक हेल्पलाइन को सूचना दें। बारिश या तेज हवा की स्थिति में बिजली के खंभों, पेड़ों और उफनते नालों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
