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कवि तुलसीदास की जयंती पर जबलपुर के समन्वय सेवा केन्द्र में भव्य त्रिदिवसीय सत्संग का होगा आयोजन

प्रकाशित: 20 August 2026, 5:40 am

जबलपुर, 20 अगस्त 2026

संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज, जिन्होंने कालजयी कृति ‘श्रीरामचरितमानस’ के माध्यम से न केवल धर्म की पुनर्स्थापना की बल्कि जन-जन तक भगवान राम की कथा को अत्यंत सरल और भावपूर्ण रूप में पहुँचाया, उनकी जयंती पूरा भारत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाता है। इस वर्ष, जबलपुर स्थित ‘समन्वय सेवा केन्द्र’ इस पावन अवसर पर एक विशेष और भव्य त्रिदिवसीय सत्संग का आयोजन करने जा रहा है। ‘समन्वय साधना प्रवचन माला’ के अंतर्गत आयोजित यह मासिक सत्संग, तुलसी मानस प्रचार समिति और विश्व कुल परिषद के संयुक्त तत्त्वावधान में संपन्न होगा।

यह त्रिदिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को जबलपुर के जयनारायण सभागृह में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन की मुख्य विशेषता महानुभावों का सान्निध्य और ओजस्वी वाणी में रामकथा का श्रवण होगा। कार्यक्रम के पहले दो दिन, यानी 21 और 22 अगस्त 2026, शाम 6:30 बजे से छिंदवाड़ा के विख्यात रामायणी, पूज्य श्री सीताराम शरण दास जी महाराज, अपने मर्मस्पर्शी और ज्ञानवर्धक प्रवचनों के माध्यम से ‘श्रीरामचरितमानस’ के गूढ़ रहस्यों और भगवान राम के आदर्शों पर प्रकाश डालेंगे। उनके शब्द भक्तों को भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देंगे।

कार्यक्रम के तीसरे दिन, 23 अगस्त 2026 को, विशेष “मानस रत्न” सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर, श्री तुलसीदास जी की शिक्षाओं और रामकथा के प्रचार-प्रसार में अनुकरणीय योगदान देने के लिए पूज्य श्री सीताराम शरण दास जी महाराज को समन्वय परिवार द्वारा “मानस रत्न” से अलंकृत किया जाएगा। इस सम्मान के माध्यम से, उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण को नमन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस त्रिदिवसीय आयोजन के दौरान भक्तों को पूज्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री अखिलेशवरानंद गिरि जी महाराज का भी पावन सान्निध्य और आशीर्वाद प्राप्त होगा, जो इस आयोजन की आध्यात्मिक ऊर्जा को और भी बढ़ाएगा।

समन्वय सेवा केन्द्र के कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर बुधरानी, सचिव ज्ञान सनीरिया और सत्संग प्रभारी डॉ. राजेंद्र मेमा ने समस्त संस्कारधानी वासियों, मानस प्रेमियों, धर्मानुरागी सज्जनों और श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित रहने का सादर आग्रह किया है। यह एक दुर्लभ अवसर है जब आप महान संतों के सान्निध्य में, श्री तुलसीदास जी की महिमा को समझ सकते हैं और श्रीरामचरितमानस के दिव्य रस का पान कर अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं।इसलिए, अपनी व्यस्तताओं को विराम दें और इन तीन दिनों में शाम 6:30 बजे ‘जयनारायण सभागृह, समन्वय सेवा केन्द्र’ अवश्य पधारें। आएँ, हम सब मिलकर इस दिव्य सत्संग का हिस्सा बनें और आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिसिंचित हों।