क्या सोना और महंगा होगा? डॉलर, ब्याज दरों और रुपये से तय होगी आगे की चाल!
सोना आगे और महंगा हो सकता है, लेकिन लगातार तेजी की गारंटी नहीं है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों को समर्थन देने वाले कारण मौजूद हैं, वहीं मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें बढ़त रोक सकती हैं। छह अक्टूबर को वैश्विक बाजार में सोने में तेजी दिखी। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तत्काल ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटने से सहारा मिला, हालांकि मजबूत डॉलर और ऊंची बॉन्ड प्रतिफल दरों का दबाव बना रहा।
विश्व स्वर्ण परिषद के मध्यवर्षीय अध्ययन के अनुसार, आर्थिक या भू-राजनीतिक परिस्थितियां बिगड़ने, ब्याज दरों की उम्मीद बदलने और दीर्घकालीन निवेश बढ़ने से सोने में फिर तेजी आ सकती है। संकट के दौरान सुरक्षित संपत्ति की तलाश इसकी मांग बढ़ा सकती है। इसके विपरीत, ब्याज दरें ऊंची रहने पर ब्याज देने वाले निवेश आकर्षक होते हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित हो सकती है।
भारतीय खरीदारों के लिए रुपये की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। देश में सोने का भाव अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर और आयात शुल्क से प्रभावित होता है। रुपया कमजोर पड़ने पर वैश्विक कीमत स्थिर रहते हुए भी भारत में सोना महंगा हो सकता है। रुपये में मजबूती इस दबाव को कम कर सकती है।
इन तथ्यों के आधार पर आगे महंगाई की संभावना बनी हुई है, लेकिन बीच-बीच में गिरावट भी संभव है। किसी निश्चित कीमत या तारीख तक तेजी का दावा करना उचित नहीं होगा। आने वाले महीनों में अमेरिकी ब्याज नीति, डॉलर की दिशा, वैश्विक तनाव और रुपये की चाल सोने के भाव का प्रमुख संकेत देंगे।
