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आसमान में भारतीय शूरवीर का पराक्रम: लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने बचाई 180 जान, दुनिया ने माना भारत का लोहा

प्रकाशित: 1 October 2026, 10:08 am

नई दिल्ली / दुबई दिनांक: 1 अक्टूबर 2026

​दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai – FZ1073) की उड़ान में एक रूह कंपा देने वाले घटनाक्रम के बीच भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया है, उसने पूरी दुनिया में तिरंगे की शान बढ़ा दी है।

​हवा में मौत से जंगहजारों फीट की ऊंचाई पर विमान के भीतर उस वक्त खौफनाक स्थिति पैदा हो गई, जब सह-पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर ने विमान के इंस्ट्रूमेंट्स को भी नष्ट करने की कोशिश की ताकि एक बड़ा हादसा हो सके। इस प्राणघातक हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल और लहूलुहान हो गए। लेकिन भारत के इस रणबांकुरे ने न तो अपना धैर्य खोया और न ही हार मानी।​

सूझबूझ से टला बड़ा हादसाअपने प्राणों की परवाह किए बिना, कैप्टन स्मित ने अकल्पनीय बहादुरी दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिल गया। सभी ने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू में किया। कैप्टन की इसी त्वरित कार्रवाई के चलते विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग संभव हो सकी और सभी 180 यात्रियों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।​

वैश्विक मंच पर गूंजा भारत का नाम

इजरायल के प्रधानमंत्री से लेकर अमेरिकी प्रशासन, भारतीय नेतृत्व और विश्वभर के नागरिक कैप्टन स्मित की इस निस्वार्थ वीरता को सलाम कर रहे हैं। संकट की इस भीषण घड़ी में उन्होंने ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सनातन मंत्र को चरितार्थ किया। उन्होंने साबित कर दिया कि एक सच्चा भारतीय, विषम परिस्थितियों में भी दूसरों की रक्षा के लिए अपनी जान की बाजी लगा सकता है।​

राष्ट्र के नाम एक कड़ा संदेश

एक ओर जहां कैप्टन स्मित जैसे सच्चे राष्ट्रभक्त अपने शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा से 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊंचा कर रहे हैं, वहीं वैश्विक पटल पर देश की छवि धूमिल करने वाले संकीर्ण मानसिकता के लोगों के लिए यह एक कड़ा सबक है। ऐसे तत्वों को भारतीय वीरों की इस राष्ट्रनिष्ठा और निस्वार्थ सेवा से सीख लेने की जरूरत है।​पूरा देश और विश्व समुदाय आसमान के इस असली हीरो को नमन करता है और ईश्वर से उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है।

​जय हिंद! जय भारत!