पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय नियंत्रित इस्तेमाल का संकेत, स्वास्थ्य और उत्सव के बीच संतुलन पर जोर
लेखक: राहुल राजपूरोहित, एडवोकेट
राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 30 सितंबर 2026 को पटाखों के इस्तेमाल पर सुनवाई के दौरान पूर्ण प्रतिबंध और चौबीस घंटे की खुली छूट—दोनों से अलग, नियंत्रित उपयोग का रास्ता तलाशने पर जोर दिया। अदालत ने लोगों की धार्मिक और उत्सवी भावनाओं के साथ बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य की रक्षा को भी आवश्यक बताया। निश्चित समय और अनुमत पटाखों की श्रेणी तय करने की दिशा में विचार किया जा रहा है।
यह मामला अर्जुन गोपाल एवं अन्य बनाम भारत संघ, रिट याचिका संख्या 728/2015, से संबंधित है। इसमें पटाखों से होने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को लेकर न्यायालय लगातार निर्देश देता रहा है।
नई पीढ़ी की लड़ियों पर सशर्त राहत
खबरों के अनुसार, निर्धारित नई पीढ़ी के संयुक्त ग्रीन पटाखों को सशर्त अनुमति मिली है। बेरियम संबंधी आकलन के लिए 15 अक्टूबर तक समय दिया गया।
इस राहत की तकनीकी पृष्ठभूमि महत्वपूर्ण है। अदालत के 2 सितंबर 2026 के आदेश में नई पीढ़ी के संयुक्त पटाखों के लिए 125 डेसीबल के अधिसूचित ध्वनि मानक तथा खोलों की संख्या, आकार और दो विस्फोटों के बीच अंतराल जैसी शर्तों का उल्लेख है। इसलिए इसे बाजार में उपलब्ध प्रत्येक प्रकार की लड़ी को अनुमति समझना उचित नहीं होगा।
बेरियम वाले पटाखों पर निर्णय लंबित
बेरियम युक्त जनरेशन-2 ग्रीन पटाखों के पर्यावरणीय प्रभाव का परीक्षण इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहले के आदेश में दिल्ली, भोपाल, कोलकाता और चेन्नई में परीक्षण कर वास्तविक परिस्थितियों में वायु गुणवत्ता पर प्रभाव का अध्ययन करने की योजना दर्ज है।
पुराने आदेशों का क्या महत्व है?
23 अक्टूबर 2018 के निर्देशों में संयुक्त पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल तथा पटाखों में बेरियम लवणों पर प्रतिबंध लगाया गया था। दिवाली पर रात आठ से दस बजे का समय भी निर्धारित किया गया था। इन निर्देशों को 29 अक्टूबर 2021 के आदेश में दोहराया गया। यह पुराने निर्देशों की पृष्ठभूमि है; इसे वर्ष 2026 की नई समय-सारणी की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
कानूनी दृष्टि से, ताजा घटनाक्रम का अर्थ सीमित और शर्तों के अधीन राहत है। नागरिकों तथा व्यापारियों को लागू लिखित न्यायालयीय आदेश और संबंधित क्षेत्र के प्रशासनिक निर्देशों के अनुसार ही पटाखों का निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल करना चाहिए।
यह आलेख सामान्य कानूनी जानकारी के लिए है। किसी विशेष स्थिति में लागू नवीनतम आदेश देखकर ही निर्णय लें।
