शिक्षा और स्वास्थ्य

अदरक और सोंठ: स्वाद के साथ स्वास्थ्य की देखभाल में उपयोगी

लेखक: Babuji Mali प्रकाशित: 30 सितंबर 2026, शाम 6:01 बजे IST

भारतीय रसोई में अदरक केवल स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पति भी है। ताजा अदरक को ‘आर्द्रक’ और सूखे अदरक को ‘शुण्ठी’ या सोंठ कहा जाता है। भोजन और पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल में दोनों का उपयोग पीढ़ियों से होता आया है।

आयुर्वेद में पाचन का विशेष महत्व है। अदरक और सोंठ को भूख एवं पाचन में सहायता के लिए उपयोगी माना जाता है। राष्ट्रीय आयुष मिशन की आवश्यक आयुर्वेदिक औषधियों की सूची में भी ‘शुण्ठी चूर्ण’ शामिल है और उसके पारंपरिक उपयोगों में अग्निमांद्य तथा उदर संबंधी समस्याओं का उल्लेख मिलता है। इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा में सोंठ के महत्व का पता चलता है।

रोजमर्रा के भोजन में अदरक को शामिल करना आसान है। सब्जी, दाल, सूप और चटनी में इसकी थोड़ी मात्रा स्वाद तथा सुगंध बढ़ाती है। अदरक की चाय, अचार और सोंठ के लड्डू भी परिचित उपयोग हैं। इस तरह यह रसोई और पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल, दोनों का हिस्सा बनता है।

अदरक के एंटीऑक्सीडेंट और सूजन संबंधी प्रभावों पर वैज्ञानिक अध्ययन भी हुए हैं। कुछ मानव अध्ययनों में अदरक के पूरक सेवन से ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन के कुछ संकेतकों में सुधार मिला है। ये गुण शरीर की स्वास्थ्य रक्षा में इसकी संभावित उपयोगिता दर्शाते हैं; हालांकि पूरक उत्पादों के परिणामों को भोजन में थोड़ी अदरक लेने के समान नहीं समझना चाहिए।

प्रतिरक्षा की देखभाल से जुड़ी आयुर्वेदिक परंपरा में भी सोंठ का स्थान है। आयुष मंत्रालय ने अपने स्व-देखभाल संबंधी सुझावों में तुलसी, दालचीनी और काली मिर्च के साथ सोंठ वाले काढ़े का उल्लेख किया था। स्वस्थ जीवन में ऐसा उपयोग संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित गतिविधि के साथ जुड़ता है।

अदरक को किसी बीमारी विशेष का निश्चित इलाज नहीं मानना चाहिए; इसे स्वास्थ्य के अनुकूल भोजन और आयुर्वेदिक देखभाल में उपयोगी औषधीय वनस्पति के रूप में समझना अधिक उचित है। इसके सेवन से रोग कभी नहीं होंगे या उम्र बढ़ने का असर रुक जाएगा, ऐसा दावा उचित नहीं है।

अपनी सहनशीलता के अनुसार भोजन में सीमित उपयोग करें। अधिक सेवन से कुछ लोगों में सीने की जलन या पेट की परेशानी हो सकती है। गर्भावस्था, नियमित दवाओं या औषधीय मात्रा में सेवन की स्थिति में चिकित्सक की सलाह लें।