शासन एवं न्यायिक आदेश

​साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार: 1 नवंबर से फोन की स्क्रीन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम, फर्जी कॉल्स का होगा पर्दाफाश!

प्रकाशित: 16 October 2026, 10:22 am

बढ़ते साइबर अपराधों और अनचाही स्पैम कॉल्स से परेशान मोबाइल यूज़र्स के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। आगामी 1 नवंबर से एक नया नियम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत अनजान नंबर से कॉल आने पर अब फोन की स्क्रीन पर कॉलर का असली नाम दिखाई देगा। दूरसंचार विभाग द्वारा यह महत्वपूर्ण कदम डिजिटल ठगी और स्पैम कॉल्स पर नकेल कसने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

यह नई व्यवस्था ‘कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) सेवा के तहत काम करेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अनजान कॉलर की पहचान के लिए अब ट्रूकॉलर (Truecaller) जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स पर हमारी निर्भरता घट जाएगी। अब स्क्रीन पर वही नाम फ्लैश होगा, जिस सरकारी आईडी (दस्तावेज़) का इस्तेमाल करके सिम कार्ड खरीदा गया था। टेलीकॉम कंपनियों के रिकॉर्ड में दर्ज नाम सीधे आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा। शुरुआत में यह सुविधा 4G और 5G नेटवर्क पर दी जा रही है और इसके लिए उपभोक्ताओं को अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने या अतिरिक्त सेटिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, विदेश से आने वाली कॉल्स पर ‘इंटरनेशनल कॉल’ लिखा दिखाई दे सकता है।

हालांकि, इस नई तकनीक के साथ ही एक जरूरी चेतावनी भी दी गई है कि केवल स्क्रीन पर नाम देखकर किसी भी कॉल को पूरी तरह से सुरक्षित मान लेना अक्लमंदी नहीं होगी। कई बार साइबर ठग या अपराधी धोखाधड़ी के लिए किसी दूसरे मासूम व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड सिम का गलत इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, भले ही यह नई पहल स्पैम और फर्जी कॉल्स की पहचान करने में एक बड़ा हथियार साबित होगी, लेकिन डिजिटल सुरक्षा के मामले में उपभोक्ताओं को अपनी तरफ से पूरी सतर्कता बरतनी होगी।