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बिना जरूरत डेटा का पैसा देने की मजबूरी खत्म, केवल कॉल-SMS वाले सस्ते रिचार्ज प्लान होंगे अनिवार्य

प्रकाशित: 23 September 2026, 12:11 pm

नई दिल्ली। मोबाइल फोन पर इंटरनेट का उपयोग नहीं करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं को अब बड़ी राहत मिलने वाली है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने दूरसंचार कंपनियों को केवल वॉयस कॉल और एसएमएस की सुविधा वाले डेटा-रहित तथा अपेक्षाकृत सस्ते रिचार्ज प्लान उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इससे उन उपभोक्ताओं को अब अनावश्यक डेटा के लिए पैसा नहीं चुकाना पड़ेगा, जिन्हें मोबाइल में केवल बातचीत करने और संदेश भेजने की सुविधा चाहिए।

नए नियमों के तहत दूरसंचार कंपनियों को 30 दिन और उससे कम अवधि वाले वॉयस-SMS प्लान उपलब्ध कराने होंगे। साथ ही ऐसा मासिक विकल्प भी देना होगा, जिसका नवीनीकरण प्रत्येक महीने एक निश्चित तारीख पर हो सके। लंबी अवधि का कम-से-कम एक वॉयस-SMS प्लान देना भी आवश्यक होगा। डेटा सुविधा हटाए जाने के बाद इन प्लानों की कीमत भी उसी के अनुरूप कम रखनी होगी। नियम राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिन बाद प्रभावी होंगे।

यह निर्णय विशेष रूप से बुजुर्गों, फीचर फोन उपयोगकर्ताओं, ग्रामीण परिवारों, कम आय वाले लोगों और केवल बातचीत के लिए दूसरा मोबाइल नंबर रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी होगा। अभी तक ऐसे उपभोक्ताओं को भी डेटा सहित रिचार्ज लेना पड़ता था, जबकि उन्हें इंटरनेट की कोई आवश्यकता नहीं होती थी। इस व्यवस्था के कारण ग्राहक उस सेवा का भुगतान करने को मजबूर थे, जिसका वे उपयोग ही नहीं कर रहे थे।

बहुत पहले होना चाहिए था यह निर्णय

उपभोक्ता हित की दृष्टि से देखा जाए तो ट्राई का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन यह निर्णय बहुत पहले लिया जाना चाहिए था। दूरसंचार कंपनियों ने रिचार्ज प्लानों को इस प्रकार तैयार कर रखा था कि केवल कॉल और एसएमएस चाहने वाले ग्राहक के पास भी डेटा सहित महंगा प्लान लेने के अतिरिक्त कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचता था।

यह केवल व्यावसायिक नीति का मामला नहीं, बल्कि उपभोक्ता की स्वतंत्रता और उसके पैसे से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। कोई व्यक्ति जिस सेवा का उपयोग नहीं करना चाहता, उसे उसी सेवा की कीमत चुकाने के लिए विवश करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। वर्षों तक करोड़ों ग्राहकों ने अनचाहे डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान किया। इसलिए यह भी पूछा जाना चाहिए कि उपभोक्ताओं को वास्तविक विकल्प देने में इतना विलंब क्यों हुआ।

अब ट्राई की जिम्मेदारी केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि कंपनियां डेटा-रहित प्लानों को अपने ऐप, वेबसाइट और रिचार्ज दुकानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित करें। उनकी कीमत वास्तव में डेटा वाले प्लानों से कम हो और किसी छिपी शर्त के माध्यम से उपभोक्ताओं को फिर महंगे पैकेज की ओर न धकेला जाए।

नए प्लान ईमानदारी से लागू हुए तो मोबाइल उपभोक्ताओं को वास्तविक आर्थिक राहत मिलेगी और पहली बार वे अपनी जरूरत के अनुसार सेवा चुनकर केवल उसी का भुगतान कर सकेंगे।