राजस्थान निकाय चुनाव: अध्यक्षीय पदों के लिए जोड़-तोड़ तेज, निर्दलीय बने निर्णायक
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में पार्षद पदों के परिणाम सामने आने के बाद अब महापौर, सभापति और नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कई निकायों में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय पार्षद निर्णायक भूमिका में आ गए हैं। भाजपा ने नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं में कांग्रेस के मुकाबले बढ़त बनाई है, जबकि कांग्रेस को बीकानेर सहित कुछ निकायों में सफलता मिली है। बसपा ने राज्यभर में 19 वार्डों में विजय प्राप्त करने का दावा किया है। अध्यक्षीय पदों के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 16 सितंबर है। नामांकन पत्रों की जाँच 17 सितंबर तथा नाम वापसी 18 सितंबर को अपराह्न तीन बजे तक होगी। महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर को कराया जाएगा। राजस्थान निर्वाचन कार्यक्रम
जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय चुनाव के दौरान ईवीएम में तकनीकी खराबी की शिकायतों के बाद जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों पर 16 सितंबर को दोबारा मतदान कराया जाना प्रस्तावित है। संबंधित मतदान केंद्रों पर पूर्व में डाले गए मतों के स्थान पर पुनर्मतदान के परिणाम को मान्य किया जाएगा। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों से दोबारा मतदान करने की अपील की है। इस बीच सिंधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी ओमप्रकाश बावरी को शून्य मत मिलने का मामला भी चर्चा में है। प्रत्याशी ने दावा किया कि उन्होंने और उनके परिवार ने मतदान किया था तथा परिणाम की जाँच कराई जानी चाहिए। यह प्रत्याशी का आरोप है; किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। विस्तृत रिपोर्ट
