चामराजनगर गोलीबारी पर कर्नाटक और तमिलनाडु आमने-सामने, तीन लोगों की मौत पर अलग-अलग दावे
बेंगलुरु/चेन्नई। कर्नाटक के चामराजनगर जिले स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य में 15 अगस्त को वनकर्मियों की गोलीबारी में तमिलनाडु के तीन लोगों की मृत्यु के बाद दोनों राज्यों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। घटना को लेकर कर्नाटक सरकार, तमिलनाडु के राजनीतिक दलों और मृतकों के परिवारों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
कर्नाटक सरकार का कहना है कि संबंधित लोग हथियारों और शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ अभयारण्य में दाखिल हुए थे। राज्य के वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने विधानसभा में बताया कि उनके पास बंदूक, कारतूस, चाकू, टॉर्च और खाना पकाने का सामान मिला था। कर्नाटक का दावा है कि वनकर्मियों पर कथित रूप से गोली चलाए जाने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, मृतकों के परिवारों और तमिलनाडु के नेताओं का कहना है कि वे शिकारी नहीं, बल्कि लापता मवेशियों की तलाश में गए किसान थे। तमिलनाडु के नेताओं ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने तथा प्रभावित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तमिलनाडु के नेताओं से राज्य की प्रशासनिक कार्यवाही में हस्तक्षेप नहीं करने को कहा है। कर्नाटक सरकार ने घटना की जांच कराने की घोषणा भी की है।
