मारवाड़ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए आभार तथा हैदराबाद एवं बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं की मांग।
सेवा में,
माननीय श्री अश्विनी वैष्णव जी
रेल मंत्री, भारत सरकार
रेल भवन, नई दिल्ली
विषय: मारवाड़ क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए आभार तथा हैदराबाद एवं बेंगलुरु के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं की मांग।
माननीय महोदय,
सादर प्रणाम।
मारवाड़ की धरती से आपके आत्मीय संबंध और आपके रेल मंत्री के कार्यकाल में इस क्षेत्र को मिली रेल सुविधाओं ने देश के विभिन्न महानगरों में रहने वाले मारवाड़ी प्रवासियों को अत्यंत प्रसन्नता और संतोष प्रदान किया है। मारवाड़ पत्रिका के संस्थापक के नाते मैं, धर्मेंद्र सुंदेशा, मारवाड़ के प्रवासियों और क्षेत्रवासियों की ओर से आपका हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करता हूँ।
आपके कार्यकाल में मारवाड़ क्षेत्र से मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, जयपुर, दिल्ली और हरिद्वार सहित अनेक महत्वपूर्ण स्थानों की ओर रेल कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, जैसलमेर तथा आसपास के क्षेत्रों के लाखों प्रवासियों, व्यापारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और परिवारों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।
मारवाड़ से बड़ी संख्या में लोग व्यवसाय, रोजगार और सेवा के लिए मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद तथा दक्षिण भारत के अन्य शहरों में रहते हैं। सीधी अथवा सुविधाजनक रेल सेवाओं के विस्तार से अब वे अपने व्यवसाय और कार्यस्थल से पैतृक गांवों एवं शहरों तक अपेक्षाकृत निश्चिंत होकर आ-जा सकते हैं।
मारवाड़ से चलने वाली अथवा इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाली रेलगाड़ियों में यात्रियों को प्रायः घर-परिवार जैसा वातावरण अनुभव होता है। आसपास के गांवों, कस्बों और जिलों के लोग एक ही रेलगाड़ी में यात्रा करते हैं। उनमें पहले से परिचय होता है अथवा यात्रा के दौरान आत्मीय संबंध बन जाते हैं। इससे बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और अकेले यात्रा करने वाले लोगों में सुरक्षा तथा विश्वास का भाव बढ़ता है।
प्रवासी परिवार अपने गांव से आवश्यक घरेलू वस्तुएं मंगवा पाते हैं और अपने प्रवास स्थल से भी परिवार के परिचित व्यक्तियों के माध्यम से उपयोगी सामान भेज देते हैं। रेल सेवा उनके लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि गांव और प्रवास के बीच सामाजिक एवं भावनात्मक संबंध बनाए रखने का माध्यम बन गई है।
जालोर क्षेत्र को राज्य की राजधानी जयपुर और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बेहतर तरीके से जोड़ने की दिशा में किए गए प्रयास विशेष रूप से प्रशंसनीय हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों तथा विभिन्न प्रशासनिक कार्यों से आने-जाने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
इसी प्रकार हरिद्वार के लिए उपलब्ध कराई गई सीधी रेल सेवा धार्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है। भले ही यह सेवा सप्ताह में सीमित दिनों के लिए उपलब्ध हो, लेकिन गंगा स्नान, पितृ तर्पण, पूजा-अनुष्ठान और तीर्थयात्रा के लिए हरिद्वार जाने वाले मारवाड़ के श्रद्धालुओं की आवश्यकता को इसने काफी हद तक पूरा किया है।
देश की स्वतंत्रता के बाद अनेक माननीय रेल मंत्रियों ने भारतीय रेल के विकास में योगदान दिया है, लेकिन मारवाड़ के दूरस्थ और सीमावर्ती जिलों को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ने के लिए आपके कार्यकाल में दिखाई गई संवेदनशीलता इस क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है। नियमित रेल सेवाओं के कारण प्रवासी अब अपने गांव और व्यवसाय स्थल—दोनों स्थानों पर अधिक निश्चिंतता अनुभव कर रहे हैं।
जालोर–सिरोही क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री लुम्बाराम चौधरी जी ने भी क्षेत्र की रेल आवश्यकताओं को आपके समक्ष निरंतर रखा है। उनका सरल, संवेदनशील और जनसेवी व्यक्तित्व क्षेत्रवासियों के लिए सम्मान का विषय है। उनके आग्रहों और क्षेत्र की आवश्यकताओं को महत्व देते हुए रेल सेवाओं के विस्तार के लिए उठाए गए कदमों के प्रति हम आपका विशेष आभार व्यक्त करते हैं।
माननीय महोदय, कुछ महत्वपूर्ण आवश्यकताएं अभी भी शेष हैं:
हैदराबाद और तेलंगाना क्षेत्र में मारवाड़ के बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी परिवार, व्यापारी और कर्मचारी निवास करते हैं। वर्तमान में लूणी–समदड़ी–भीलड़ी रेलमार्ग से हैदराबाद की ओर पर्याप्त सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को रेल बदलने, लंबा मार्ग अपनाने अथवा अन्य असुविधाजनक साधनों का उपयोग करने के लिए विवश होना पड़ता है।
अतः निवेदन है कि जोधपुर, पाली, जालोर, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्रों को लूणी–समदड़ी–भीलड़ी रेलमार्ग के माध्यम से हैदराबाद तथा तेलंगाना के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली सीधी रेल सेवा प्रारंभ करने की संभावनाओं पर प्राथमिकता से विचार किया जाए।
इसी प्रकार बेंगलुरु के लिए उपलब्ध रेल सेवा प्रवासियों की संख्या और यात्रियों की वास्तविक मांग की तुलना में पर्याप्त नहीं है। विवाह, त्योहार, ग्रीष्मावकाश और अन्य विशेष अवसरों पर यात्रियों को आरक्षित टिकट नहीं मिल पाते। कई बार परिवारों को यात्रा स्थगित करनी पड़ती है अथवा महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
इसलिए बेंगलुरु के लिए उपलब्ध रेल सेवा को दैनिक किए जाने, उसकी आवृत्ति बढ़ाने अथवा एक अतिरिक्त नियमित रेलगाड़ी प्रारंभ करने का अनुरोध है। त्योहारों और विवाह के मौसम में विशेष रेलगाड़ियां चलाने तथा अतिरिक्त कोच लगाने की स्थायी व्यवस्था भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
हमारी प्रमुख मांगें निम्न प्रकार हैं—
- लूणी–समदड़ी–भीलड़ी रेलमार्ग से हैदराबाद के लिए सीधी नियमित रेल सेवा शुरू की जाए।
- मारवाड़ से बेंगलुरु जाने वाली रेल सेवा को दैनिक किया जाए अथवा अतिरिक्त नियमित गाड़ी चलाई जाए।
- त्योहारों, विवाह समारोहों और अवकाश के समय अतिरिक्त रेलगाड़ियां एवं अतिरिक्त कोच लगाए जाएं।
- जालोर, भीनमाल, रानीवाड़ा, समदड़ी और आसपास के यात्रियों के लिए दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी का विस्तृत सर्वे कराया जाए।
- यात्रियों की मांग के अनुसार चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई मार्गों पर सीटों एवं कोचों की संख्या बढ़ाई जाए।
हमें विश्वास है कि मारवाड़ के प्रवासियों की इन व्यावहारिक आवश्यकताओं को आपकी ओर से संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण से देखा जाएगा। आपने अब तक जिस सेवाभाव से क्षेत्र की रेल सुविधाओं का विस्तार किया है, उससे भविष्य के लिए भी हमारी अपेक्षाएं और विश्वास मजबूत हुए हैं।
मारवाड़ के प्रवासियों, व्यापारियों, कर्मचारियों, माताओं-बहनों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से आपको पुनः हृदय से धन्यवाद एवं अभिनंदन।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपके नेतृत्व में भारतीय रेल निरंतर प्रगति करे और देश के दूरस्थ क्षेत्रों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सुलभ रेल सेवाओं से जोड़ती रहे।
सादर,
धर्मेंद्र सुंदेशा
संस्थापक, मारवाड़ पत्रिका
लेखक परिचय: धर्मेंद्र सुंदेशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में बी.ए. (ऑनर्स) प्रथम श्रेणी तथा राजनीति विज्ञान में एम.ए. और एम.फिल. प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण किया है। वर्तमान में वे सोशियो-फिलॉसफी के क्षेत्र में पीएचडी शोध कार्य कर रहे हैं।

