जालौर जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ: आधारभूत सुविधाएँ सुदृढ़, विशेषज्ञ चिकित्सा के विस्तार की आवश्यकता
जालौर जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ: आधारभूत सुविधाएँ सुदृढ़, विशेषज्ञ चिकित्सा के विस्तार की आवश्यकता
जालौर जिले के प्रमुख कस्बों—जालौर, भीनमाल, सांचौर, आहोर, रानीवाड़ा एवं सायला—में पिछले कुछ वर्षों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तथा निजी अस्पतालों के माध्यम से जिले के नागरिकों को प्राथमिक एवं सामान्य चिकित्सा सुविधाएँ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं। इसके बावजूद जटिल एवं सुपर स्पेशियलिटी उपचार के लिए आज भी अनेक मरीजों को जोधपुर, अहमदाबाद, पालनपुर तथा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता है।
जालौर का राजकीय जिला चिकित्सालय जिले का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहाँ सामान्य चिकित्सा, शल्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, आपातकालीन सेवाएँ तथा विभिन्न जांच सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसी प्रकार भीनमाल उप जिला चिकित्सालय, सांचौर राजकीय चिकित्सालय, तथा आहोर, रानीवाड़ा और सायला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपने-अपने क्षेत्रों की बड़ी आबादी को नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
सरकारी चिकित्सा संस्थानों के साथ-साथ जिले के निजी अस्पताल भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जालौर में जयश्री हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. हेमंत जैन (एम.डी.), श्रीराम हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अजाराम चौधरी, भीनमाल में कृष्णा हॉस्पिटल एवं पथरी निवारण केंद्र के वरिष्ठ सर्जन डॉ. प्रेमराज परमार (एम.एस.), तथा डॉ. भूपेन्द्र चौधरी हॉस्पिटल सहित अन्य निजी अस्पताल स्थानीय नागरिकों को विभिन्न चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध करा रहे हैं। इसी प्रकार सांचौर में भी अनेक निजी अस्पताल एवं मल्टीस्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थान क्षेत्रवासियों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भी उपचार उपलब्ध करा रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि जिले में सामान्य चिकित्सा सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाओं का और विस्तार किया जाना आवश्यक है। हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, कैंसर उपचार, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ट्रॉमा केयर, आधुनिक आईसीयू, एनआईसीयू, एमआरआई, सीटी स्कैन, डायलिसिस तथा अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता बढ़ने से जिले के मरीजों को उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो सकती है।
इसके अतिरिक्त आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार, 24×7 ब्लड कंपोनेंट बैंक, पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ, टेलीमेडिसिन सेवाएँ, समय पर एम्बुलेंस सुविधा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सकती है।
राजस्थान और गुजरात की सीमा से जुड़ा जालौर जिला व्यापार, कृषि और जनसंख्या की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में यदि भविष्य में यहाँ विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों तथा उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थानों का और विस्तार किया जाता है, तो इसका लाभ न केवल जालौर जिले बल्कि आसपास के जिलों एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के हजारों नागरिकों को भी मिलेगा।
जिले में उपलब्ध सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों की संयुक्त भूमिका ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत आधार दिया है। अब आवश्यकता इस दिशा में निरंतर प्रयासों की है कि विशेषज्ञ उपचार की सुविधाएँ भी स्थानीय स्तर पर विकसित हों, जिससे आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर चिकित्सा सेवाएँ अपने ही जिले में प्राप्त हो सकें।
