ब्रेकिंग न्यूज़
देश-विदेश समाचार

भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, ऐसा सोचने वाला हिंदू नहीं’: भागवत का बड़ा बयान

प्रकाशित: 30 August 2026, 5:12 am

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में आयोजित ‘वन वर्ल्ड, वन ह्यूमनिटी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एक बड़ा और महत्वपूर्ण बयान दिया है। भागवत ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो कोई भी ऐसा सोचता है कि भारत में मुसलमानों को नहीं रहना चाहिए, वह व्यक्ति हिंदू नहीं कहला सकता।​

कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान, भागवत ने कहा, ‘अगर कोई हिंदू ऐसा सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह व्यक्ति हिंदू नहीं रह सकता। यह जानना होगा कि हम सभी एक हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सभी धर्मों के रास्ते एक ही ईश्वर की ओर जाते हैं और हर इंसान की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। उनके अनुसार, इंसानों के बीच कोई भेद नहीं किया जा सकता।

​मोहन भागवत ने इस मौके पर अपने 2018 के एक पुराने बयान को भी याद किया, जिसमें उन्होंने हिंदू राष्ट्र की बात की थी। उन्होंने कहा कि उस समय मुस्लिम भाईयों ने उनसे पूछा था कि अगर हिंदू राष्ट्र की बात होगी, तो क्या मुसलमानों को भारत से बाहर जाना होगा? इस पर भागवत ने कहा, ‘तब मैंने कहा था- नहीं, यह हिंदुत्व नहीं है। अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में मुस्लिम नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता।’​उन्होंने बल देते हुए कहा कि पूरी मानवता एक परिवार है और विविधता हमारी आंतरिक एकता को और मजबूती प्रदान करती है। भागवत के इस बयान को सांप्रदायिक सौहार्द और समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में एक अहम संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।