स्वस्थ जीवन के लिए नींद है कितनी जरूरी? क्या ज्यादा सोने से भी है नुकसान?
आलेख :- महिपाल सिंह राजपुरोहित
जालोर, 22 अगस्त 2026
नींद शरीर और दिमाग को आराम देने के साथ-साथ याददाश्त, मानसिक स्वास्थ्य, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर की कार्यक्षमता के लिए बेहद जरूरी है। नींद की जरूरत उम्र के साथ बदलती है।
बच्चों और किशोरों के लिए पर्याप्त नींद विकास, व्यवहार और ध्यान के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
आइये चार्ट के हिसाब जानते है किसके लिए कितनी ज़रूरी:-

- पर्याप्त नींद लेने के फायदे
- 🧠 दिमाग और याददाश्त बेहतर रहती है।
- 😊 तनाव और चिड़चिड़ापन कम करने में मदद मिलती है।
- ❤️ हृदय और रक्तचाप के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
- 🛡️ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है।
- ⚡ दिनभर ऊर्जा और एकाग्रता बनी रहती है।
- 👧 बच्चों में शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए जरूरी है।
- 🚗 पर्याप्त नींद से दिन में अत्यधिक नींद आने और उससे जुड़े दुर्घटना के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। �
नींद कम लेने के नुकसान
लगातार पर्याप्त नींद न मिलने पर ध्यान और याददाश्त प्रभावित, चिड़चिड़ापन तथा दिन में थकान बढ़ सकती है। लंबे समय तक कम नींद को मोटापा, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, स्ट्रोक, चिंता और अवसाद जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से जोड़ा गया है।
बच्चों और किशोरों में कम नींद का संबंध ध्यान, व्यवहार, मानसिक स्वास्थ्य, वजन और विकास से जुड़ी समस्याओं के अधिक जोखिम से पाया गया है।
क्या ज्यादा सोना भी नुकसानदायक है?
जरूरत से ज्यादा सोना भी हमेशा फायदेमंद नहीं होता। खासकर यदि कोई वयस्क लगातार बहुत ज्यादा सो रहा है और फिर भी दिनभर थकान महसूस करता है, तो इसके पीछे खराब नींद की गुणवत्ता, नींद संबंधी समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकता है। इसलिए केवल घंटे गिनने के बजाय नींद की गुणवत्ता और नियमितता भी महत्वपूर्ण है।
अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
रोज लगभग एक ही समय पर सोएं और जागें। सप्ताहांत में भी समय में बहुत ज्यादा बदलाव न करें। सोने से पहले तेज रोशनी और मोबाइल/इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना भी मददगार हो सकता है।
जरूरी बात: हर व्यक्ति की नींद की जरूरत थोड़ी अलग हो सकती है। यदि पर्याप्त समय बिस्तर पर रहने के बावजूद लगातार नींद पूरी न लगे, दिन में बहुत ज्यादा नींद आए या लंबे समय तक नींद की समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

“न कम नींद, न जरूरत से ज्यादा—उम्र के अनुसार पर्याप्त और नियमित नींद ही स्वस्थ जीवन की कुंजी”
