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न्यायपालिका में भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव: सुप्रीम कोर्ट ने वकालत का अनुभव घटाकर किया 1 वर्ष, 1-1 साल की ट्रेनिंग और क्लर्कशिप भी जरूरी

By Yash Sundesha प्रकाशित: 21 August 2026, 11:57 am

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा (Judicial Service) में प्रवेश के लिए लीगल प्रैक्टिस की अनिवार्यता को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा के लिए आवश्यक 3 साल के कानूनी अनुभव (Practice Requirement) की शर्त को घटाकर अब 1 साल कर दिया है। इसके साथ ही, चयन प्रक्रिया के बाद उम्मीदवारों के लिए 1 वर्ष का न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण (Training) और 1 वर्ष की संरचित क्लर्कशिप (Structured Clerkship) को अनिवार्य बना दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने युवा वकीलों को राहत देते हुए संक्रमण काल (Transitional Period – 31 मार्च 2027 तक) के लिए विशेष छूट दी है। 20 मई 2025 से 31 मार्च 2027 के बीच निकलने वाली भर्तियों में सभी लॉ ग्रेजुएट्स बिना किसी पूर्व अनुभव के भी आवेदन कर सकेंगे, लेकिन चुने जाने पर उन्हें पहले 1 वर्ष ट्रेनी अधिकारी के रूप में ट्रेनिंग और 1 वर्ष जजों के मार्गदर्शन में क्लर्कशिप पूरी करनी होगी। वहीं, 1 अप्रैल 2027 के बाद निकलने वाले विज्ञापनों में न्यूनतम 1 साल की वकालत का प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका में गुणवत्ता और अनुभव बनाए रखने के लिए यह संतुलित रास्ता अपनाया गया है ताकि नए अभ्यर्थियों पर अचानक कोई अत्यधिक बोझ न पड़े।