सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट: 326 सांसदों और 14 मुख्यमंत्रियों पर आपराधिक मामले लंबित
नई दिल्ली। सांसदों और विधायकों के विरुद्ध लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण से जुड़े प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया ने नई स्थिति-रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के अनुसार, देश के 326 मौजूदा सांसदों ने अपने चुनावी हलफनामों में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है। इनमें 210 सांसदों से जुड़े मामले ऐसे अपराधों से संबंधित बताए गए हैं, जिनमें दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा हो सकती है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के विरुद्ध भी गंभीर प्रकृति के आपराधिक मामले लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, वर्तमान और पूर्व सांसदों-विधायकों से जुड़े चार हजार से अधिक आपराधिक मुकदमे विभिन्न अदालतों में लंबित बताए गए हैं। इनमें अनेक मुकदमे वर्षों पुराने हैं।
न्यायमित्र ने जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी, विशेष अदालतों की व्यवस्था और सुनवाई को प्राथमिकता देकर निर्धारित अवधि में पूरा करने जैसे उपाय सुझाए हैं। इसका उद्देश्य राजनीतिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से संबंधित मामलों में अनावश्यक देरी को रोकना और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है।

