मध्य-पूर्व संकट के बीच LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश, घरेलू आपूर्ति सुरक्षित रखने पर जोर
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी सैन्य संघर्ष के कारण पेट्रोलियम और रसोई गैस की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने देश की रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकारी और निजी क्षेत्र की रिफाइनरियों के लिए संयुक्त रूप से अधिकतम 63,810 मीट्रिक टन प्रतिदिन का उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्देश 13 अगस्त 2026 को जारी सरकारी आदेश के आधार पर दिया गया है। इसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखना, आवश्यक ईंधन भंडार मजबूत करना और आयात में संभावित व्यवधान के प्रभाव को सीमित करना है।
भारत अपनी LPG आवश्यकता का एक बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। इसलिए मध्य-पूर्व में जहाजरानी, उत्पादन अथवा आपूर्ति मार्ग प्रभावित होने पर घरेलू उपलब्धता और कीमतों पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। सरकार की नई व्यवस्था में तेल कंपनियों से घरेलू उत्पादन क्षमता का अधिकतम उपयोग करने और आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार नजर रखने की अपेक्षा की गई है।
फिलहाल सरकार की ओर से घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए किसी मूल्य परिवर्तन की घोषणा नहीं की गई है। उत्पादन लक्ष्य को मुख्य रूप से ऊर्जा सुरक्षा और आवश्यक घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के उपाय के रूप में देखा जा रहा है।
स्रोत: रॉयटर्स, 16 अगस्त 2026
