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आयुष्मान भारत योजना : 44 करोड़ से अधिक कार्ड और 12 करोड़ से अधिक अस्पताल उपचार

प्रकाशित: 14 August 2026, 4:48 pm

आयुष्मान भारत योजना—अंक 2

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का विस्तार अब देश के लगभग सभी हिस्सों तक हो चुका है। भारत सरकार द्वारा 6 जून 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार 5 जून 2026 तक योजना में 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके थे।

इसी अवधि तक योजना के अंतर्गत 12.03 करोड़ अस्पताल भर्तियां अथवा उपचार प्रकरण अधिकृत किए गए। इन उपचारों का कुल अधिकृत मूल्य ₹1,80,435 करोड़ बताया गया।

यहां यह समझना आवश्यक है कि 12.03 करोड़ का आंकड़ा 12.03 करोड़ अलग-अलग व्यक्तियों का होना आवश्यक नहीं है। यह अस्पताल में भर्ती होकर करवाए गए अधिकृत उपचार प्रकरणों की संख्या है। एक पात्र व्यक्ति आवश्यकता पड़ने पर अलग-अलग समय पर एक से अधिक उपचार प्राप्त कर सकता है।

इसी प्रकार ₹1,80,435 करोड़ की राशि को केंद्र सरकार द्वारा अकेले नकद खर्च की गई राशि नहीं कहा जाना चाहिए। यह योजना के अंतर्गत अधिकृत अस्पताल उपचारों का कुल मूल्य है।

मई और जून के आंकड़ों में अंतर क्यों?

भारत सरकार के एक अन्य आधिकारिक विवरण में मई 2026 तक 43.93 करोड़ आयुष्मान कार्ड बताए गए थे। जून के विवरण में यह संख्या बढ़कर 44.14 करोड़ हो गई।

दोनों आंकड़े आधिकारिक हैं। इनमें अंतर इसलिए है क्योंकि उनकी संदर्भ-तिथियां अलग हैं। मई 2026 तक का आंकड़ा पहले की स्थिति दर्शाता है, जबकि 44.14 करोड़ कार्ड का आंकड़ा 5 जून 2026 तक अद्यतन किया गया था।

इससे यह भी दिखाई देता है कि कार्ड बनाने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और सरकारी आंकड़े संदर्भ-तिथि के अनुसार बदलते हैं।

36 हजार से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध

5 जून 2026 तक देश में कुल 36,218 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध बताए गए थे। इनमें—

19,659 सरकारी अस्पताल और
16,559 निजी अस्पताल शामिल थे।

फरवरी 2026 के आंकड़ों में अस्पतालों की कुल संख्या 36,229 थी। बाद के आंकड़े में मामूली अंतर सूचीबद्ध अस्पतालों की स्थिति में बदलाव, हटाए जाने, पुनः सूचीबद्ध होने या आंकड़ों के अद्यतन के कारण हो सकता है।

योजना के अस्पताल नेटवर्क में सरकारी और निजी—दोनों प्रकार के संस्थान शामिल हैं। निजी अस्पतालों की भागीदारी स्वैच्छिक है, लेकिन सूचीबद्ध होने के बाद अस्पताल को योजना के नियमों और निर्धारित उपचार पैकेजों का पालन करना होता है।

निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में उपचार

28 फरवरी 2026 तक योजना में 11.69 करोड़ अस्पताल भर्तियां अधिकृत की गई थीं। इनमें से लगभग 6.74 करोड़ उपचार निजी अस्पतालों में हुए थे।

यह आंकड़ा बताता है कि योजना का लाभ केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं है। पात्र परिवार सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी निर्धारित चिकित्सा पैकेजों के अनुसार कैशलेस इलाज प्राप्त कर रहे हैं।

हालांकि किसी निजी अस्पताल का सामान्य रूप से संचालित होना पर्याप्त नहीं है। वह अस्पताल आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध होना चाहिए और आवश्यक उपचार उसके लिए स्वीकृत पैकेज में उपलब्ध होना चाहिए।

वरिष्ठ नागरिकों को कितना लाभ?

5 जून 2026 तक आयुष्मान वय वंदना योजना में 1.20 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों का नामांकन किया जा चुका था।

इन वरिष्ठ नागरिकों को 13.84 लाख से अधिक उपचार उपलब्ध कराए गए, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹3,000 करोड़ बताया गया।

यह आंकड़ा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू किए गए विस्तार की उपयोगिता को दर्शाता है। उम्र बढ़ने के साथ गंभीर एवं दीर्घकालीन बीमारियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में अस्पताल उपचार का आर्थिक भार परिवार की आय और बचत को प्रभावित कर सकता है।

योजना का बढ़ता दायरा

जून 2019 में योजना के अंतर्गत अस्पताल भर्तियों की संख्या 29.96 लाख थी। मई 2026 तक यह संचयी संख्या बढ़कर 12.03 करोड़ हो गई। उपचार का संचयी अधिकृत मूल्य लगभग ₹1.80 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आयुष्मान भारत योजना भारत की सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक बन चुकी है।

इसके बावजूद केवल बड़ी संख्या में कार्ड बनना योजना की सफलता का अंतिम मापदंड नहीं हो सकता। यह भी देखना आवश्यक है कि कार्डधारक को आवश्यकता के समय अस्पताल मिले, उपचार से अनुचित इनकार न हो, उससे अतिरिक्त राशि न मांगी जाए और शिकायत का समय पर समाधान हो।

अगले अंक में पढ़िए: योजना का सरकारी बजट कितना है, परिवारों की अनुमानित बचत कितनी हुई, समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ा और शिकायत कहां की जा सकती है।

आंकड़ों की संदर्भ-तिथि: मुख्य आंकड़े 5 जून 2026 तक के भारत सरकार के आधिकारिक विवरण पर आधारित हैं।