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शासन एवं न्यायिक आदेश

खराब बैटरियां बेचने पर कंपनी को कीमत ब्याज सहित लौटाने का आदेश

प्रकाशित: 18 September 2026, 11:15 am

जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने विक्रेता और निर्माता पर लगाया ₹30-₹30 हजार हर्जाना

जयपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर चतुर्थ ने खराब बैटरियां बेचने और शिकायत के बावजूद उनकी खराबी दूर नहीं करने को गंभीर सेवा-दोष माना है। आयोग ने हाइपर सोलर सिस्टम और लुमिनस पावर टेक्नोलॉजी को दोनों खराब बैटरियों की कीमत ₹12,572 परिवादी को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।

आयोग ने दोनों विपक्षी पक्षों पर ₹30-₹30 हजार का हर्जाना भी लगाया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा तथा सदस्य पूजा मित्तल और नीलम शर्मा की पीठ ने कैप्टन एसके सिंह एवं उनके परिवार की ओर से पेश परिवाद पर दिया।

मामले के अनुसार परिवादी ने घरेलू उपयोग के लिए हाइपर सोलर सिस्टम से लुमिनस कंपनी की दो बैटरियां खरीदी थीं। आरोप था कि खरीद के बाद बैटरियों के कारण सोलर सिस्टम में खराबी आने लगी। शिकायत करने के बावजूद विक्रेता और निर्माता कंपनी ने बैटरियों की खराबी दूर नहीं की और न ही उपभोक्ता को उचित समाधान उपलब्ध कराया।

सुनवाई के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए आयोग ने माना कि खराब बैटरियां बेचने के बाद उन्हें बदलने अथवा उनकी समस्या का समाधान नहीं करना उपभोक्ता सेवा में कमी है। किसी उत्पाद की वारंटी अथवा सेवा अवधि के दौरान सामने आई खराबी के प्रति विक्रेता और निर्माता अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।

आयोग ने दोनों विपक्षी पक्षों को बैटरियों की ₹12,572 कीमत नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त हाइपर सोलर सिस्टम और लुमिनस पावर टेक्नोलॉजी को अलग-अलग ₹30 हजार हर्जाना देने के लिए भी उत्तरदायी ठहराया गया।

यह आदेश उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। यदि कोई उत्पाद खरीद के बाद खराब निकलता है और विक्रेता या निर्माता शिकायत के बावजूद उसे ठीक करने, बदलने अथवा कीमत लौटाने से इनकार करता है, तो प्रभावित ग्राहक खरीद बिल, वारंटी कार्ड, शिकायत और भुगतान के प्रमाण के साथ उपभोक्ता आयोग में राहत मांग सकता है।