ब्रेकिंग न्यूज़
प्रादेशिक समाचार

राजस्थान के प्रमुख समाचार

प्रकाशित: 2 September 2026, 5:28 pm

309 नगरीय निकायों में 9 और 11 सितंबर को मतदान, 14 सितंबर को मतगणना

जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में पार्षदों के 10,245 पदों के लिए मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को कराया जाएगा। मतगणना 14 सितंबर को होगी। चुनाव वाले संबंधित क्षेत्रों में मतदान के दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। राज्य में 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं चुनाव प्रक्रिया में शामिल हैं।

प्रत्याशियों के नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 3 सितंबर निर्धारित है। नगरीय निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर और उपमहापौर, उपसभापति एवं नगरपालिका उपाध्यक्षों का चुनाव 22 सितंबर को कराया जाएगा। राज्य के करीब 1.44 करोड़ मतदाता चुनाव में मतदान कर सकेंगे। मतदान के लिए 16,465 केंद्र बनाए जाएंगे।

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ सभी 309 नगरीय निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक शहरी क्षेत्रों में नई विकास योजनाओं और सरकारी घोषणाओं पर प्रतिबंध रहेगा। मतदाताओं को मतदान से पहले मतदाता सूची में अपना नाम और मतदान केंद्र अवश्य जांच लेना चाहिए।


सरकारी वेबसाइटों और भवनों पर जनप्रतिनिधियों के फोटो वाले विज्ञापनों पर रोक

जयपुर। नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए राजस्थान सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी वेबसाइटों और सरकारी भवनों पर प्रदर्शित ऐसे विज्ञापनों, संदेशों और प्रचार सामग्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है, जिनमें राजनीतिक पदाधिकारियों अथवा जनप्रतिनिधियों के फोटो प्रदर्शित किए गए हों। आदेश 1 सितंबर को जारी किया गया है।

यह कार्रवाई चुनाव क्षेत्रों में लागू आदर्श आचार संहिता के अनुपालन से जुड़ी है। सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों और अन्य सरकारी संस्थाओं को अपनी वेबसाइट, कार्यालय परिसर तथा सार्वजनिक स्थानों पर लगी प्रचार सामग्री की समीक्षा करनी होगी। चुनाव अवधि में सरकारी संसाधनों का प्रयोग किसी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता।

हालांकि जनहित से जुड़ी आवश्यक सूचनाएं और पहले से चल रही सेवाओं की तथ्यात्मक जानकारी जारी रह सकती है, लेकिन उनमें राजनीतिक उपलब्धियों अथवा पदाधिकारियों के प्रचार से बचना होगा। किसी सरकारी वेबसाइट या भवन पर नियमविरुद्ध प्रचार सामग्री दिखाई देने पर नागरिक संबंधित निर्वाचन अधिकारी अथवा राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना दे सकते हैं।


फसल बीमा में अब बोई गई वास्तविक फसल का होगा भौतिक और तकनीकी सत्यापन

जयपुर। राजस्थान सरकार ने खरीफ-2026 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित फसल और खेत में वास्तव में बोई गई फसल का मिलान करने के लिए नई सत्यापन व्यवस्था लागू की है। बीमा कंपनियों को भौतिक निरीक्षण, फसल स्वास्थ्य सर्वेक्षण और तकनीकी माध्यमों से फसल की पुष्टि करनी होगी।

यदि किसी क्षेत्र में किसी फसल का बीमित रकबा सामान्य औसत बुवाई क्षेत्र से अधिक पाया जाता है तो संबंधित बीमा पॉलिसियों की विशेष जांच की जाएगी। नियमों का पालन नहीं होने पर सरकार बीमा प्रीमियम में अपने हिस्से का भुगतान रोक सकती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य गलत भूमि विवरण, काल्पनिक फसल और फर्जी बीमा दावों पर रोक लगाना है।

किसानों को सलाह है कि बैंक, सहकारी समिति या ऑनलाइन माध्यम से बीमा कराते समय खसरा संख्या, बोई गई फसल, क्षेत्रफल और बैंक खाते की जानकारी ध्यान से जांचें। आवेदन और खेत में बोई गई फसल अलग होने पर दावा प्रभावित हो सकता है। किसान बीमा रसीद और आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें तथा प्राकृतिक आपदा से नुकसान होने पर निर्धारित समय के भीतर सूचना दें।

प्रभावित होने की आशंका रहती है। पर्याप्त वर्षा नहीं होने पर रबी की बुवाई के लिए भी नमी की कमी हो सकती है। जिन किसानों के पास सिंचाई की सीमित सुविधा है, उन्हें कृषि विभाग की स्थानीय सलाह के अनुसार पानी का नियंत्रित उपयोग और फसल की निगरानी करनी चाहिए।

पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध तालाबों, नाड़ियों और जलाशयों के पानी का विवेकपूर्ण उपयोग महत्वपूर्ण रहेगा। किसान फसल खराबे की स्थिति में खेत की तारीख सहित तस्वीरें सुरक्षित रखें और बीमित फसल के नुकसान की सूचना निर्धारित समय में संबंधित बीमा कंपनी, कृषि विभाग अथवा आधिकारिक हेल्पलाइन पर दें।