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प्रकाशित: 1 September 2026, 4:10 pm

LIC ने पेश कीं ‘बीमा प्लेटिनम’ और ‘जीवन रक्षा’ योजनाएं

नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर दो नई व्यक्तिगत बीमा योजनाएं—‘LIC बीमा प्लेटिनम’ और ‘LIC जीवन रक्षा’ पेश की हैं। इन योजनाओं की बिक्री 7 सितंबर 2026 से प्रारंभ होने की सूचना है।

बीमा प्लेटिनम एक गैर-लिंक्ड, गैर-भागीदारी वाली व्यक्तिगत बचत बीमा योजना है। इसका रिटर्न शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से सीधे जुड़ा नहीं होगा। यह योजना जीवन बीमा सुरक्षा के साथ दीर्घकालीन बचत चाहने वाले ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

वहीं, जीवन रक्षा एक गैर-लिंक्ड और गैर-भागीदारी वाली शुद्ध जोखिम बीमा योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य पॉलिसीधारक की असामयिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रीमियम, बीमित राशि, प्रवेश आयु, परिपक्वता अवधि, ऋण सुविधा और मृत्यु लाभ से संबंधित विस्तृत शर्तों को देखकर ही योजना का चयन करना उचित होगा। दोनों योजनाएं घरेलू भारतीय बाजार के लिए प्रस्तुत की गई हैं।

RBI ने सुमन रे को कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने सुमन रे को 1 सितंबर 2026 से कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है। कार्यकारी निदेशक बनाए जाने से पहले वे RBI के महाराष्ट्र क्षेत्रीय कार्यालय में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्यरत थे।

रिजर्व बैंक के अनुसार, सुमन रे को केंद्रीय बैंक में तीन दशक से अधिक समय तक कार्य करने का अनुभव है। वे मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय समावेशन, भुगतान एवं निपटान प्रणाली, उपभोक्ता शिक्षा एवं संरक्षण तथा मानव संसाधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।

कार्यकारी निदेशक के रूप में उन्हें किन विभागों की जिम्मेदारी दी जाएगी, इसका प्रशासनिक निर्धारण RBI द्वारा किया जाएगा। कार्यकारी निदेशक केंद्रीय बैंक की नीतियों के क्रियान्वयन, बैंकिंग विनियमन, वित्तीय स्थिरता, भुगतान व्यवस्था और संस्थागत प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सुरक्षा, उपभोक्ता संरक्षण और वित्तीय समावेशन RBI की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

स्रोत : भारतीय रिजर्व बैंक

ऋण की ब्याज दरों के लिए समान और पारदर्शी नियम लाने की RBI की तैयारी

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और अन्य विनियमित वित्तीय संस्थाओं के लिए ‘ऋण एवं अग्रिम पर ब्याज दर निर्देश, 2026’ का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग श्रेणी की वित्तीय संस्थाओं पर लागू ब्याज दर संबंधी नियमों को सुव्यवस्थित और अधिक पारदर्शी बनाना है।

मसौदे के अनुसार, ऋण देने वाली संस्था को ब्याज दरों से संबंधित बोर्ड-अनुमोदित नीति बनानी होगी। ऋण किस बेंचमार्क से जुड़ा है, ब्याज में कितना स्प्रेड जोड़ा गया है और दर में बदलाव किन परिस्थितियों में होगा—इन बातों को ऋण अनुबंध में स्पष्ट करना होगा।

फ्लोटिंग दर वाले ऋणों में ब्याज दर रीसेट होने पर ग्राहकों को उपलब्ध विकल्पों के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी देनी होगी। छोटे मूल्य के व्यक्तिगत ऋणों पर वसूली जाने वाली ब्याज दर संस्था की लागत और उचित प्रतिफल के अनुरूप होनी चाहिए।

ये अभी मसौदा निर्देश हैं, अंतिम नियम नहीं। सुझावों की समीक्षा के बाद इन्हें 1 अप्रैल 2027 से लागू करने का प्रस्ताव है।

प्रतिभूति बाजार की साइबर सुरक्षा के लिए SEBI ने शुरू किया नया पोर्टल

मुंबई। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने शेयर और प्रतिभूति बाजार से जुड़ी संस्थाओं की साइबर सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से ‘साइबर सुरक्षा पोर्टल’ शुरू किया है। यह पोर्टल साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग, निगरानी और नियामकीय कार्रवाई को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता करेगा।

स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉरपोरेशन, डिपॉजिटरी तथा SEBI के अंतर्गत पंजीकृत बाजार मध्यस्थों को साइबर हमले या सुरक्षा संबंधी घटना की सूचना निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से देनी होगी। पोर्टल का उद्देश्य विभिन्न प्रारूपों में दी जाने वाली सूचनाओं को एक केंद्रीय प्रणाली पर लाना है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और मोबाइल निवेश बढ़ने के साथ डेटा चोरी, अनधिकृत लेनदेन, फिशिंग, रैनसमवेयर और ट्रेडिंग खातों में सेंध जैसे जोखिम भी बढ़े हैं। नई व्यवस्था से नियामक को घटनाओं की प्रकृति, प्रभावित संस्था और सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी में सुविधा मिलेगी।

हालांकि पोर्टल शुरू होने का अर्थ निवेशकों के व्यक्तिगत नुकसान की स्वतः भरपाई नहीं है। अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में संबंधित मध्यस्थ और शिकायत निवारण प्रणाली को तत्काल सूचना देना जरूरी रहेगा।