पिछला चुनाव—एक स्मरण: दो मतों से भी मिली जीत, एक वार्ड निर्विरोध; भाजपा बनी थी सबसे बड़ी पार्टी
जालौर
नगर परिषद जालौर के वर्ष 2026 के चुनाव से पहले वर्ष 2019 के पिछले आम चुनाव का परिणाम एक बार फिर चर्चा में है। नवंबर 2019 में परिषद के 40 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा 18 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। कांग्रेस को 14 और निर्दलीय उम्मीदवारों को आठ सीटों पर सफलता मिली थी।
किसी दल को अकेले 21 सीटों का स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। बाद में सभापति पद के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार गोविंद टांक ने निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से 25 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सोलंकी को 15 मत मिले थे।
सबसे रोचक मुकाबले
पिछले चुनाव का सबसे नजदीकी मुकाबला वार्ड संख्या 4 में हुआ। कांग्रेस की गीता ने 226 मत प्राप्त कर निर्दलीय दरिया को केवल दो मतों से हराया। दरिया को 224 मत मिले थे।
वार्ड 14 में भाजपा के देवाराम और वार्ड 32 में भाजपा के महेश भट्ट केवल तीन-तीन मतों से विजयी हुए। वार्ड 10 में भाजपा के मदनराज आठ मतों से जीते, जबकि वार्ड 8 में निर्दलीय सुशीला देवी और वार्ड 25 में भाजपा के चौथ सिंह की जीत का अंतर दस-दस मत रहा।
सबसे बड़ी जीत वार्ड संख्या 6 में भाजपा के मदनराम ने दर्ज की। उन्हें 573 मत मिले और उन्होंने कांग्रेस के अयूब खान शेख को 341 मतों से पराजित किया। वार्ड 38 में भाजपा के हीराराम 258 मतों से और वार्ड 13 में कांग्रेस के अब्दुल रजाक 227 मतों से विजयी हुए थे। वार्ड 27 से भाजपा की तुलसी देवी निर्विरोध निर्वाचित हुई थीं।

वार्डवार विजेता, प्राप्त मत और जीत का अंतर
वार्ड 1—चंद्रावती, भाजपा; 278 मत, जीत का अंतर 125 मत।
वार्ड 2—ममता कुमारी, कांग्रेस; 348 मत, जीत का अंतर 41 मत।
वार्ड 3—दिनेश कुमार, निर्दलीय; 258 मत, जीत का अंतर 56 मत।
वार्ड 4—गीता, कांग्रेस; 226 मत, जीत का अंतर केवल 2 मत।
वार्ड 5—पल्लवी, भाजपा; 316 मत, जीत का अंतर 160 मत।
वार्ड 6—मदनराम, भाजपा; 573 मत, जीत का अंतर 341 मत।
वार्ड 7—विकेश कुमार, भाजपा; 297 मत, जीत का अंतर 90 मत।
वार्ड 8—सुशीला देवी, निर्दलीय; 226 मत, जीत का अंतर 10 मत।
वार्ड 9—अमजद खान, निर्दलीय; 338 मत, जीत का अंतर 179 मत।
वार्ड 10—मदनराज, भाजपा; 113 मत, जीत का अंतर 8 मत।
वार्ड 11—अफरोजा, कांग्रेस; 321 मत, जीत का अंतर 67 मत।
वार्ड 12—मेथी देवी, भाजपा; 397 मत, जीत का अंतर 85 मत।
वार्ड 13—अब्दुल रजाक, कांग्रेस; 389 मत, जीत का अंतर 227 मत।
वार्ड 14—देवाराम, भाजपा; 282 मत, जीत का अंतर 3 मत।
वार्ड 15—बसंत कुमार, कांग्रेस; 509 मत, जीत का अंतर 177 मत।
वार्ड 16—अफरोजा, कांग्रेस; 366 मत, जीत का अंतर 163 मत।
वार्ड 17—जगदीश सोलंकी, निर्दलीय; 331 मत, जीत का अंतर 112 मत।
वार्ड 18—गोविंद, भाजपा; 189 मत, जीत का अंतर 11 मत।
वार्ड 19—नंदकिशोर, निर्दलीय; 241 मत, जीत का अंतर 90 मत।
वार्ड 20—भारती, कांग्रेस; 436 मत, जीत का अंतर 64 मत।
वार्ड 21—लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस; 259 मत, जीत का अंतर 72 मत।
वार्ड 22—मनीषा गहलोत, भाजपा; 297 मत, जीत का अंतर 58 मत।
वार्ड 23—दिनेश कुमार, निर्दलीय; 319 मत, जीत का अंतर 24 मत।
वार्ड 24—किरण देवी, कांग्रेस; 339 मत, जीत का अंतर 140 मत।
वार्ड 25—चौथ सिंह, भाजपा; 263 मत, जीत का अंतर 10 मत।
वार्ड 26—कालूराम, कांग्रेस; 421 मत, जीत का अंतर 26 मत।
वार्ड 27—तुलसी देवी, भाजपा; निर्विरोध निर्वाचित।
वार्ड 28—गीता कुमारी, भाजपा; 174 मत, जीत का अंतर 17 मत।
वार्ड 29—ओमाराम, निर्दलीय; 229 मत, जीत का अंतर 32 मत।
वार्ड 30—सुकी देवी, कांग्रेस; 309 मत, जीत का अंतर 101 मत।
वार्ड 31—राजेंद्र सोलंकी, कांग्रेस; 243 मत, जीत का अंतर 54 मत।
वार्ड 32—महेश भट्ट, भाजपा; 301 मत, जीत का अंतर केवल 3 मत।
वार्ड 33—अंबालाल, भाजपा; 274 मत, जीत का अंतर 106 मत।
वार्ड 34—राजेंद्र कुमार, भाजपा; 316 मत, जीत का अंतर 154 मत।
वार्ड 35—सांवलाराम, निर्दलीय; 241 मत, जीत का अंतर 92 मत।
वार्ड 36—मिश्रीमल, कांग्रेस; 407 मत, जीत का अंतर 226 मत।
वार्ड 37—दिनेश म्हावर, भाजपा; 205 मत, जीत का अंतर 11 मत।
वार्ड 38—हीराराम, भाजपा; 460 मत, जीत का अंतर 258 मत।
वार्ड 39—मोरकी, कांग्रेस; 263 मत, जीत का अंतर 79 मत।
वार्ड 40—नीतू, भाजपा; 341 मत, जीत का अंतर 108 मत।
पुराने परिणामों का संदेश
वर्ष 2019 में आठ निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने नगर परिषद बोर्ड के गठन में उनकी भूमिका निर्णायक बना दी थी। तीन वार्डों में जीत का अंतर केवल दो या तीन मत रहा। ये आंकड़े बताते हैं कि स्थानीय निकाय चुनाव में प्रत्येक मत का महत्व होता है और कुछ मत पूरे वार्ड का परिणाम तथा निर्दलीय पार्षद नगर परिषद बोर्ड का राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
