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SBI ग्राहकों के लिए बड़ा झटका: कैश निकालने के बदले नियम, 4 फ्री ट्रांजैक्शन के बाद लगेगा चार्ज

प्रकाशित: 20 August 2026, 5:22 am

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) यानी जीरो बैलेंस खाताधारकों के लिए कैश निकालने के नियमों और सर्विस चार्जेज में बड़ा बदलाव किया है। बैंक की घोषणा के अनुसार, ये नए संशोधित नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी लागू होंगे। अब तय सीमा से अधिक बार पैसे निकालने पर ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।महीने में केवल 4 ट्रांजैक्शन रहेंगे फ्रीनए नियमों के मुताबिक, BSBD खाताधारकों को एक महीने में कुल 4 फ्री ट्रांजैक्शन (निकासी) की सुविधा मिलेगी। इस सीमा में SBI तथा अन्य बैंकों के ATM से निकाली गई राशि, बैंक शाखा (Branch) से की गई निकासी और AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से किया गया कैश ट्रांजैक्शन शामिल रहेगा।

पांचवीं बार पैसे निकालने पर कटेगा चार्जअगर कोई ग्राहक महीने में 4 बार की फ्री लिमिट पूरी कर लेता है, तो पांचवीं बार से हर अतिरिक्त निकासी पर बैंक ₹15 का शुल्क और उस पर लागू GST वसूलेगा। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब इन 4 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी शामिल किया जाएगा, जो कि पहले इस सीमा से बाहर रखे जाते थे।

आम ग्राहकों और बचत खातों पर असरबैंक के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन खाताधारकों पर पड़ेगा जो छोटे-छोटे कामों के लिए महीने में कई बार ATM या बैंक शाखा से कैश निकालते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि अतिरिक्त पेनल्टी या चार्ज से बचने के लिए ग्राहक महीने की शुरुआत में ही अपनी जरूरतों के हिसाब से एक या दो बार में ही कैश विड्रॉ कर लें ताकि 4 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार न हो।