सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का 101वाँ अवतरण दिवस महोत्सव 24 नवंबर को
जोधपुर मुख्यालय सहित विभिन्न शाखाओं में आयोजन; ध्यान और मंत्र-जप से आत्मिक रूपांतरण का संदेश
जोधपुर। अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर की ओर से सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का 101वाँ अवतरण दिवस महोत्सव एवं जन्म शताब्दी वर्ष समापन समारोह 24 नवंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। केन्द्र मुख्यालय पर प्रातः 11 बजे से आयोजित समारोह में साधकों को श्रद्धाभाव के साथ भाग लेने का आमंत्रण दिया गया है।
केन्द्र की ओर से 20 अक्टूबर को जारी सूचना के अनुसार, महोत्सव जोधपुर के साथ कोटा, बाड़मेर, लवां, अजमेर, डीडवाना, काजलवास, गंगापुर सिटी, अहमदाबाद, कलाऊ, बालेसर, मुंबई-वसई, बेंगलोर और सूरत शाखाओं में भी मनाया जाएगा।
ध्यान और मंत्र-जप पर आधारित सिद्धयोग साधना
सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग की सिद्धयोग साधना में गुरु-मंत्र के मानसिक जाप और नियमित ध्यान को प्रमुख स्थान दिया गया है। केन्द्र के अनुसार, साधना का उद्देश्य मनुष्य की वृत्तियों में सकारात्मक परिवर्तन लाना तथा उसे आंतरिक शांति और आनंद की ओर अग्रसर करना है। इस परंपरा में शक्तिपात दीक्षा और कुण्डलिनी जागरण का विशेष महत्त्व है। ध्यान-पद्धति और मंत्र की जानकारी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
केन्द्र की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई विधि के अनुसार, साधक सुविधाजनक स्थिति में बैठकर एक-दो मिनट गुरुदेव के चित्र को देखता है। इसके बाद आँखें बंद कर ललाट के मध्य आज्ञाचक्र पर उनके स्वरूप का ध्यान करते हुए 15 मिनट ध्यान स्थिर करने की प्रार्थना करता है। ध्यान के दौरान होंठ और जीभ हिलाए बिना संजीवनी मंत्र का मानसिक जाप किया जाता है। सुबह-शाम नियमित ध्यान तथा दैनिक कार्यों के बीच भी यथासंभव मानसिक जाप की प्रेरणा दी गई है।
संस्था के निर्देशानुसार संजीवनी मंत्र पहले गुरुदेव की आवाज में सुनना चाहिए। उनकी वाणी में मंत्र और ध्यान-विधि आधिकारिक वेबसाइट www.the-comforter.org पर उपलब्ध हैं।
साधकों के अनुभव और गुरुदेव के प्रति आस्था
केन्द्र द्वारा प्रकाशित साधक-अनुभवों में मंत्र-जप और ध्यान से रोगों में राहत तथा निवारण के व्यक्तिगत अनुभव साझा किए गए हैं। ऐसे अनुभवों के चलते स्वास्थ्य लाभ की आशा रखने वाले लोगों में भी सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग और उनकी ध्यान-पद्धति के प्रति गहरी आस्था है। साधक मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव के अनुभव भी बताते हैं।
23 से 26 नवंबर तक ठहरने की व्यवस्था
महोत्सव में आने वाले साधकों के लिए जोधपुर मुख्यालय पर 23, 24, 25 और 26 नवंबर तक ठहरने की व्यवस्था रहेगी। इन चार दिनों में आश्रम में साधकों के आने-जाने की व्यवस्था चौबीसों घंटे खुली रहेगी। अन्य तिथियों पर केन्द्र के पूर्व निर्धारित नियम लागू रहेंगे। आयोजन संबंधी जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 77268 53500 पर संपर्क किया जा सकता है।
