साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम, 2027 से केवल IST पर चलेंगे भारत के सभी नेटवर्क
नई दिल्ली
भारत सरकार द्वारा देश में एकीकृत और सटीक समय व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया जा रहा है। मार्च 2027 से भारत के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों, नेटवर्क, दूरसंचार ऑपरेटरों, इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs), वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों के लिए भारतीय मानक समय (Indian Standard Time – IST) को अपनाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
वर्तमान में विभिन्न डिजिटल सिस्टम और सर्वर समय के मिलान के लिए अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय या आंतरिक स्रोतों (जैसे GPS या अन्य सर्वर) का उपयोग करते हैं। इससे डेटा लॉग्स और नेटवर्क में सूक्ष्म समय अंतर (Microsecond variations) आ जाता है। नया कानून लागू होने के बाद, सभी प्रणालियों को केवल आधिकारिक भारतीय मानक समय के साथ सिंक (Sync) करना होगा।
यह निर्णय मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और वित्तीय धोखाधड़ी की जांच को मजबूत करने के लिए लिया गया है। डिजिटल लेनदेन, बैंक ट्रांसफर, शेयर बाजार के सौदों और टेलीकॉम डेटा रिकॉर्ड्स में सटीक समय का मिलान (Timestamping) होना अनिवार्य है। समय में विसंगति होने पर साइबर हमलों के स्रोत की जांच करने या फोरेंसिक जांच में बाधा आती है।आधिकारिक IST समय का प्रसारण राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (NPL) और उपभोक्ता मामले मंत्रालय द्वारा प्रमाणित बुनियादी ढांचे के माध्यम से किया जाएगा। मार्च 2027 की समय सीमा इसलिए तय की गई है ताकि सभी निजी और सरकारी संस्थाएं अपने मौजूदा सर्वर, नेटवर्किंग हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई अनिवार्य व्यवस्था के अनुसार अपडेट कर सकें।
