ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे उद्योगों को डिजिटल माध्यम से ऋण देने की तैयारी
नई दिल्ली।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए SIDBI तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की संयुक्त ऋण व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा। इस संबंध में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक ने 25 अगस्त को नई दिल्ली में देश के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों का सम्मेलन आयोजित किया।
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में SIDBI, NABARD और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के अधिकारी शामिल हुए। प्रस्तावित व्यवस्था में SIDBI की MSME ऋण विशेषज्ञता और ग्रामीण बैंकों की गाँवों एवं छोटे शहरों तक पहुँच का संयुक्त उपयोग किया जाएगा।
SIDBI का डिजिटल को-लेंडिंग प्लेटफॉर्म आवेदन, दस्तावेज, सैद्धांतिक स्वीकृति और ऋण वितरण की प्रक्रिया को कागजरहित बनाएगा। पूरी जानकारी देने के बाद आवेदक को कम समय में प्रारंभिक स्वीकृति की सूचना मिल सकेगी। तीन ग्रामीण बैंकों में इसके पायलट प्रयोग के बाद इसे अन्य RRB तक बढ़ाने की तैयारी है।
