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श्री शांतिनाथ आदर्श विद्या मंदिर में मातृशक्ति सम्मेलन, बड़ी संख्या में पहुँचीं माताएँ

प्रकाशित: 1 October 2026, 8:34 pm

बालकों के स्वास्थ्य, चरित्र निर्माण और बालिका शिक्षा में माताओं की भूमिका पर हुआ मंथन

जालोर, 30 सितंबर 2026। श्री शांतिनाथ बालिका उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, जालोर के सभागार में भव्य मातृशक्ति सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में जालोर नगर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रधानाचार्य मंजु परमार ने बताया कि विद्यालय में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद उन्होंने मंचासीन अतिथियों का परिचय करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जालोर श्रीमती ममता अग्रवाल ने की। राजकीय महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर गीता माहेश्वरी मुख्य अतिथि तथा अखिल भारतीय बालिका शिक्षा सहसंयोजिका सुश्री प्रमिला शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि गीता माहेश्वरी ने माँ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ परिवार की मुख्य धुरी होती है। उन्होंने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से बताया कि माँ ही वह व्यक्तित्व है, जो संतान को उससे भी अधिक समझती और जानती है।

बहिन खुशी और पूर्वा द्वारा प्रस्तुत भावगीत के बाद मुख्य वक्ता सुश्री प्रमिला शर्मा ने अपना उद्बोधन प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि बालक और माँ का संबंध गर्भ से ही प्रगाढ़ हो जाता है। माताओं को बच्चों के भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि भोजन का बालक के स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में संयुक्त परिवार की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। भारतीय माताएँ सदैव त्याग और बलिदान की प्रतिमूर्ति रही हैं। उन्होंने अपने अथक परिश्रम एवं संस्कारों से श्रेष्ठ और महान संतानों का निर्माण किया है। वर्तमान समय में माताओं को पुनः अपनी भूमिका समझते हुए श्रेष्ठ, बलवान और चरित्रवान बच्चों के निर्माण का संकल्प लेना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती ममता अग्रवाल ने कहा कि आज भी बालिका शिक्षा का स्तर अपेक्षानुरूप नहीं है। समाज में अनेक लोग बालिकाओं की शिक्षा को आवश्यक नहीं मानते। देश की प्रगति के लिए इस सोच का अंत करना होगा। महिलाओं ने भारतीय संस्कृति को छोड़े बिना प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति करके भारत को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि पारिवारिक वातावरण का बच्चे के विकास पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा अरोड़ा ने अतिथियों और उपस्थित मातृशक्ति के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्या भारती की प्रांत कार्यकारिणी सदस्य सुश्री नीलम पंवार तथा विद्यालय के समस्त आचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेमा गोस्वामी ने किया।