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महत्वपूर्ण सरकारी आदेश

प्रकाशित: 14 September 2026, 12:52 pm

पंचायतीराज चुनावों में आदर्श आचार संहिता की सख्ती से पालना के निर्देश

जयपुर। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी संसाधनों, वाहनों एवं मशीनरी का चुनाव प्रचार में उपयोग रोकने तथा राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। आयोग ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

पंचायतीराज मतदाता सूचियों में पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के निर्देश

जयपुर। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं की निर्वाचक नामावलियों के निरंतर अद्यतन के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के संबंध में नया आदेश जारी किया है।

आयोग ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित योग्यता रखने वाले किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित नहीं रहे। नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों की जाँच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मृत, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं से संबंधित प्रविष्टियों का निस्तारण भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। चुनावी क्षेत्रों में मतदाता सूचियों को अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने की जिम्मेदारी संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की होगी।

चुनावी क्षेत्रों में कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

जयपुर। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति एवं पदस्थापन की अनुमति प्रदान कर दी है। यह अनुमति नगरीय निकाय चुनाव की आदर्श आचार संहिता के बीच जारी की गई है।

आयोग ने शर्त लगाई है कि नियुक्ति आदेश में यह स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा कि नवनियुक्त कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव वाले नगरीय निकाय क्षेत्र में कार्यभार ग्रहण नहीं करेगा। संबंधित विभागों को नियुक्ति एवं पदस्थापन करते समय आयोग की शर्तों की पालना सुनिश्चित करनी होगी। इससे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी, लेकिन चुनावी क्षेत्रों में नई नियुक्तियों के कारण प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित नहीं होगी।

निजी विश्वविद्यालय खोलने के लिए न्यूनतम भूमि की अनिवार्यता समाप्त

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। संशोधित व्यवस्था के अनुसार निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए अब अलग से न्यूनतम भूमि क्षेत्र अथवा न्यूनतम खुले स्थान की शर्त निर्धारित नहीं होगी।

प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय के पास कम-से-कम 25 हजार वर्गमीटर कारपेट एरिया वाला बुनियादी ढाँचा होना जरूरी होगा। भवन योजना को संबंधित भवन उपविधियों, विकास नियंत्रण नियमों, अग्नि सुरक्षा मानकों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का पालन करना होगा। ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, पार्किंग और खुले स्थान की आवश्यकताएँ सक्षम प्राधिकरण के लागू नियमों के अनुसार तय होंगी। यह प्रावधान भविष्य में जारी होने वाले सभी नए आशय-पत्रों पर लागू होगा।

मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ी

जयपुर। राजस्थान कॉलेज शिक्षा विभाग ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना तथा देवनारायण छात्रा उच्च शिक्षा आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की स्कूटी खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

स्कूटी के मेक, मॉडल और मूल्य निर्धारण के लिए प्राप्त अभिरुचि प्रस्तावों पर गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूटी की तकनीकी विशेषताओं, एक्स-शोरूम कीमत, बीमा, पंजीयन, परिवहन और आपूर्ति से जुड़ी शर्तों पर विचार किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित पात्रता रखने वाली छात्राओं को योजनाओं के अंतर्गत स्कूटी वितरित की जाएगी। विभाग का उद्देश्य पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपयुक्त मॉडल और उचित कीमत का निर्धारण करना है।

वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम अनुपूरक मांग अधिकृत

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक मांगों की प्रथम किस्त अधिकृत कर दी है। आदेश के बाद संबंधित विभाग स्वीकृत अनुपूरक बजट के अनुसार वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्रवाई कर सकेंगे।

वित्त विभाग ने बजट नियंत्रण अधिकारियों और संबंधित कार्यालयों को संलग्न अनुसूची में स्वीकृत राशि के अनुसार लेखांकन करने तथा निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अनुपूरक मांग के माध्यम से उन योजनाओं, कार्यक्रमों और आवश्यक सरकारी व्ययों के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान उपलब्ध कराया जाता है, जिनके लिए मूल बजट में निर्धारित राशि अपर्याप्त हो गई हो अथवा नई आवश्यकता उत्पन्न हुई हो।

लेखा सेवा अधिकारियों को 20 सितंबर तक दस्तावेज जमा कराने के निर्देश

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने राजस्थान लेखा सेवा के सूचीबद्ध अधिकारियों को आवश्यक घोषणाएँ एवं सेवा अभिलेख 20 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों को संतान संबंधी घोषणा, अचल संपत्ति विवरण और वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन सहित निर्धारित दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा कराने होंगे। विभाग ने आदेश के साथ संबंधित अधिकारियों की सूची भी जारी की है। निर्धारित समय तक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वाले अधिकारियों के मामलों में सेवा नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।