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प्रकाशित: 5 September 2026, 6:26 pm

पूर्वी राजस्थान में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, 6 सितंबर से गतिविधियों में कमी के आसार

जयपुर, 5 सितंबर। राजस्थान में मानसून की सक्रियता शनिवार को भी बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर मौसम केंद्र ने 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज हुई। सवाई माधोपुर में सर्वाधिक करीब 130 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की सूचना है। धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भारी बारिश को लेकर विशेष सतर्कता की स्थिति है, जबकि जयपुर, अजमेर और अलवर सहित कई जिलों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार 6 और 7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने का अनुमान है।

मौसम संबंधी ताजा जिला-वार चेतावनी के लिए मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर पर जानकारी देखी जा सकती है।


जयपुर में आज NEET-PG 2026 की पुनर्परीक्षा, प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए NBEMS ने की विशेष व्यवस्था

जयपुर, 5 सितंबर। जयपुर के सीतापुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर NEET-PG 2026 के दौरान उत्पन्न व्यवधान से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए शनिवार, 5 सितंबर को पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) ने इस संबंध में 30 अगस्त और 1 सितंबर को आधिकारिक सूचनाएं जारी की थीं।

NBEMS की आधिकारिक सूचना के अनुसार यह पुनर्परीक्षा iON Digital Zone, iDZ Sitapura 1 और 2, जयपुर के प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए है। परीक्षा को लेकर जयपुर में अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं। स्थानीय प्रशासन से संबंधित प्रकाशित सूचना के अनुसार परीक्षा पांच केंद्रों पर आयोजित की जा रही है और लगभग 2,499 अभ्यर्थियों के शामिल होने की व्यवस्था की गई है।

यह पुनर्परीक्षा उन अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जा रही है, जिनकी मूल परीक्षा जयपुर के संबंधित केंद्रों पर व्यवधान के कारण प्रभावित हुई थी।

अभ्यर्थियों को परीक्षा से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस को आधार बनाना चाहिए।


राजस्थान सेवा नियमों में संशोधन, वित्त विभाग ने जारी किया नया आदेश

जयपुर। राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने सरकारी कर्मचारियों से संबंधित राजस्थान सेवा नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन जारी किया है। वित्त विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर 3 सितंबर 2026 को जारी नवीनतम सूचना के अनुसार RSR के नियम 22A, 22B और 103C में संशोधन करते हुए नियम 103C के बाद नया नियम 103D जोड़ा गया है।

यह संशोधन राज्य कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राजस्थान सेवा नियम सरकारी कार्मिकों की सेवा शर्तों से जुड़े विभिन्न मामलों को नियंत्रित करते हैं। संशोधन का वास्तविक प्रभाव संबंधित नियमों के पूर्व और संशोधित प्रावधानों को साथ पढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।

वित्त विभाग ने हाल के दिनों में अन्य महत्वपूर्ण आदेश भी जारी किए हैं। 2 सितंबर को नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के संबंध में Negotiable Instruments Act के तहत घोषित अवकाश में संशोधन तथा GF&AR Part-I के Appendix-8 में संशोधन भी जारी किया गया है।

आदेशों की मूल प्रति राजस्थान सरकार के वित्त विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।


राजस्थान निकाय चुनाव: कांग्रेस ने जारी किया घोषणा-पत्र, कचरा संग्रह से पट्टों तक किए कई वादे

जयपुर, 5 सितंबर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने निकाय चुनाव को लेकर अपना घोषणा-पत्र जारी करते हुए शहरी मतदाताओं के लिए कई घोषणाएं की हैं। इनमें घरों से नि:शुल्क कचरा संग्रह, पट्टों से संबंधित राहत तथा सफाई कर्मचारियों की नियमित भर्ती जैसे वादे शामिल हैं।

घोषणा-पत्र में शहरी क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था के विस्तार और सुधार तथा नागरिक सुविधाओं और निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान देने की बात भी कही गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घोषणा-पत्र के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी।

इधर चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होने के साथ राजनीतिक दलों ने बागी उम्मीदवारों को मनाने की कोशिशें भी तेज कर दी हैं। जयपुर नगर निगम चुनाव से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार नाम वापसी के बाद चुनावी मुकाबले का स्वरूप बदल गया है और प्रमुख दल अब चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

निकाय चुनाव से जुड़े वादों को संबंधित राजनीतिक दल का चुनावी घोषणा-पत्र माना जाना चाहिए; इन्हें सरकारी निर्णय या लागू योजना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।