राजस्थान में अनुकम्पा नियुक्ति के नियम बदले, पुत्रवधू और विवाहित पुत्री भी निर्धारित शर्तों पर पात्र
जयपुर, 18 अगस्त 2026। राजस्थान सरकार ने मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकम्पा नियुक्ति से संबंधित नियमों में संशोधन कर पात्रता का दायरा बढ़ा दिया है। कार्मिक विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत अधिसूचना जारी कर “राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम, 1996” में संशोधन किया है। संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
कार्मिक विभाग की अधिसूचना संख्या एफ.5(51)डीओपी/ए-II/88 पार्ट/22568 के अनुसार अब “आश्रित” की परिभाषा में पति या पत्नी, पुत्र तथा मृत सरकारी कर्मचारी द्वारा अपने जीवनकाल में विधिवत गोद लिया गया पुत्र शामिल रहेगा। अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा पुत्री तथा जीवनकाल में विधिवत गोद ली गई ऐसी पुत्री भी पात्र मानी जाएगी।
संशोधन के तहत पुत्रवधू को भी अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्रता दी गई है, लेकिन यह पात्रता तभी लागू होगी, जब मृत कर्मचारी का कोई पात्र पुत्र अथवा अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा पुत्री उपलब्ध नहीं हो। इसी प्रकार विवाहित पुत्री को तब पात्र माना जाएगा, जब पात्र पुत्र, अविवाहित/विधवा/तलाकशुदा पुत्री तथा पुत्रवधू में से कोई उपलब्ध नहीं हो।
यदि मृत सरकारी कर्मचारी अविवाहित था, तो उस पर मृत्यु के समय पूर्णतः आश्रित माता, पिता, अविवाहित भाई अथवा अविवाहित बहन भी नियमों के अंतर्गत पात्र हो सकेंगे।
यह संशोधन केवल “आश्रित” की परिभाषा और पात्रता-क्रम को विस्तारित करता है। वास्तविक नियुक्ति संबंधित नियमों में निर्धारित अन्य पात्रताओं, शर्तों और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही दी जाएगी।
यह अधिसूचना राज्यपाल के आदेश से संयुक्त शासन सचिव डॉ. मुकुट बिहारी जांगिड़ ने 18 अगस्त 2026 को जारी की।
