एक मंच पर मिल सकती है सभी बीमा पॉलिसियों की जानकारी, आम आदमी के लिए क्या बदलेगा?
प्रस्तुतकर्ता : महेंद्र कुमार, विकास अधिकारी, भारतीय जीवन बीमा निगम
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण यानी IRDAI ने देश में पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री (PIR) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए 1 सितंबर 2026 को परामर्श-पत्र जारी कर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 30 सितंबर 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। इसलिए इसे अभी लागू व्यवस्था या अंतिम नियम नहीं, बल्कि विचाराधीन प्रस्ताव समझना चाहिए।
वर्तमान में किसी व्यक्ति की जीवन, स्वास्थ्य, वाहन या अन्य बीमा पॉलिसियां अलग-अलग कंपनियों के पास होती हैं। पॉलिसीधारक को पॉलिसी की स्थिति, प्रीमियम, कवरेज, नॉमिनी, दावा और शिकायत संबंधी जानकारी के लिए अलग-अलग कंपनियों से संपर्क करना पड़ता है। प्रस्तावित रजिस्ट्री इस बिखरी हुई व्यवस्था को एक साझा डिजिटल माध्यम से जोड़ सकती है।
रजिस्ट्री लागू होने पर पॉलिसीधारक अपनी विभिन्न कंपनियों की पॉलिसियों और दावों की समेकित जानकारी एक स्थान पर देख सकेगा। बीमा उत्पादों की सुविधाओं, कीमत और कवरेज की तुलना आसान हो सकती है। बार-बार दस्तावेज और वही जानकारी देने की आवश्यकता कम होने, दावा प्रक्रिया सरल बनने तथा वर्षों से बिना दावे के पड़ी बीमा राशि का पता लगाने में भी सहायता मिलने की संभावना है।
इस व्यवस्था से पॉलिसी बेचने वाले एजेंट और मध्यस्थ की पहचान, शिकायतों तथा सेवाओं से संबंधित सत्यापित जानकारी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे ग्राहक किसी एजेंट के माध्यम से बीमा खरीदने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांच सकेगा और गलत जानकारी देकर पॉलिसी बेचने की प्रवृत्ति पर अंकुश लग सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्तावित रजिस्ट्री को सारी जानकारी जमा करने वाला एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने के बजाय अलग-अलग संस्थानों में उपलब्ध प्रमाणित रिकॉर्ड को जोड़ने वाली डिजिटल व्यवस्था के रूप में देखा गया है। आधार, पैन, स्वास्थ्य, वाहन, मृत्यु, न्यायालय और आपदा से जुड़े रिकॉर्ड को किस सीमा तक जोड़ा जाएगा, यह अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। व्यक्तिगत जानकारी तक पहुंच सहमति, गोपनीयता और निर्धारित अधिकारों के अधीन रखने का प्रस्ताव है।
बीमा कंपनियों को बेहतर जोखिम आकलन और धोखाधड़ी रोकने में सहायता मिल सकती है, लेकिन ग्राहकों के लिए वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब स्पष्ट सहमति, मजबूत साइबर सुरक्षा और गलत रिकॉर्ड सुधारने की आसान व्यवस्था बनाई जाए। सही सुरक्षा उपायों के साथ यह रजिस्ट्री बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और आम ग्राहक की परेशानी घटाने वाला बड़ा परिवर्तन साबित हो सकती है।

