चेन्नई में 3.5 लाख संपत्तियों को पुनर्मूल्यांकन नोटिस, निगम ने कहा—सामान्य कर वृद्धि नहीं
चेन्नई। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने शहर की करीब 3.5 लाख संपत्तियों को संपत्ति कर के पुनर्मूल्यांकन से संबंधित नोटिस जारी किए हैं। बड़ी संख्या में नोटिस मिलने और कई मामलों में कर निर्धारण बढ़ने की शिकायतों के बाद निगम ने स्पष्ट किया है कि इसे पूरे शहर में संपत्ति कर की दर बढ़ाने का निर्णय नहीं माना जाए।
ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के आयुक्त जी.एस. समीरन के अनुसार GIS mapping, satellite data और निगम के उपलब्ध रिकॉर्ड के मिलान में कई संपत्तियों के क्षेत्रफल और वास्तविक निर्माण में अंतर सामने आया है। पुनर्मूल्यांकन मुख्य रूप से ऐसी विसंगतियों को ठीक करने की प्रक्रिया से संबंधित है।
इसका सीधा प्रभाव उन मकान, दुकान और अन्य संपत्ति मालिकों पर पड़ सकता है जिनकी संपत्ति का दर्ज क्षेत्रफल वास्तविक निर्माण से अलग पाया गया है।
निगम शिकायतों के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने पर भी विचार कर रहा है। संपत्ति मालिकों के लिए नोटिस में दर्ज क्षेत्रफल और अपने वास्तविक संपत्ति रिकॉर्ड का मिलान करना उपयोगी होगा।
